खरगे के बयान पर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का पलटवार, बोले- राजनीतिक मूल्यों में कमी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी पर राज्य सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने खरगे के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेतृत्व में संस्कारों और नैतिक मूल्यों की भारी कमी के कारण ही इस तरह की अशोभनीय बयानबाज़ी की जा रही है।
मूल्यों की कमी से समाज को पहुंचती है ठेस
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को तोहफा न मिले तो वह कुछ देर के लिए उदास होता है, लेकिन अगर किसी को जीवन में सही संस्कार और मूल्य न सिखाए जाएं तो वह जीवन भर रोता है। उन्होंने कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक व्यक्ति में संस्कारों की कमी होती है, तो वह न केवल खुद को बल्कि अपने बयानों से पूरे समाज और देश को शर्मसार करता है। कांग्रेस नेतृत्व में इसी नैतिक मूल्य की कमी साफ नज़र आ रही है।
पटना में भाषण के दौरान बढ़ा था विवाद
यह पूरा विवाद पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। भाषण के दौरान खरगे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना कर रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर विवादित टिप्पणी कर दी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने खरगे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि खरगे ने यह टिप्पणी भाजपा कार्यकर्ता द्वारा उनके दिवंगत पिता के अपमान के जवाब में 'वैचारिक संगठन' के संदर्भ में की थी।
