अर्नब तूफान से मची तबाही पर कांग्रेस नेताओं ने जताई चिंता, मदद की अपील

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण उपजे हालातों पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' के कारण मची तबाही तथा ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न गंभीर स्थितियों पर दुख जताया है। दोनों नेताओं ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत एवं बचाव अभियानों में तेजी से जुटने और जरूरतमंद लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने की पुरजोर अपील की है।

प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की राहत कार्यों में सहयोग की अपील

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए दोनों राज्यों के प्रभावित नागरिकों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की। उन्होंने सभी लोगों की कुशलता और सुरक्षा की कामना करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संकट की इस घड़ी में राहत प्रयासों में सक्रिय रूप से हाथ बंटाएं। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आंध्र प्रदेश में हुए भारी जान-माल के नुकसान और ओडिशा में अस्त-व्यस्त हुए जनजीवन पर गहरा शोक व्यक्त किया। खड़गे ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह राज्य सरकारों के साथ आपसी तालमेल बिठाकर युद्धस्तर पर राहत और पुनर्वास कार्य संचालित करे। उन्होंने प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने और इसके लिए 'पीएम केयर्स फंड' के जरिए भी वित्तीय मदद सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने किया हवाई सर्वेक्षण, 4,600 करोड़ के नुकसान का अनुमान

इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि चक्रवात अर्नब की वजह से राज्य में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है। शुरुआती आकलन के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा से लगभग 4,600 करोड़ रुपये की संपत्ति और बुनियादी ढांचे का नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्ण और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद नुकसान का यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर विस्तृत चर्चा कर राज्य के मौजूदा हालातों और प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों से उन्हें अवगत करा दिया है, साथ ही केंद्र सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंप दी गई है।

ओडिशा के गंजम और गजपति जिलों में तेज हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

दूसरी ओर, पड़ोसी राज्य ओडिशा में चक्रवात के परोक्ष प्रभाव के चलते हुई असाधारण और भारी मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सबसे अधिक प्रभावित गंजम और गजपति जिलों में राहत एवं बचाव अभियानों को काफी तेज कर दिया है। सरकार की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री पहुंचाकर जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य करने की है।

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