70 डिसमिल जमीन के कथित फर्जीवाड़े में करुण करण पर गिरी गाज, राजस्व विभाग ने किया निलंबित

मुजफ्फरपुर। बिहार के इस प्रमुख जिले में भूमि से जुड़े कथित अवैध फर्जीवाड़े और बड़े पैमाने पर हुए घोटाले के एक संगीन मामले में प्रशासनिक अमले ने बेहद सख्त कदम उठाया है। मुसहरी अंचल के राजस्व अधिकारी करुण करण को आधिकारिक रूप से निलंबित कर दिया गया है। यह संपूर्ण कार्रवाई अहियापुर थाना क्षेत्र के सहवाजपुर मोहल्ले में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विजय कुमार की बेशकीमती भूमि से संबंधित है, जहां कथित तौर पर जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भू-नामांतरण तथा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इस पूरे प्रकरण में पूर्व अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला के साथ-साथ राजस्व अधिकारी करुण करण की संलिप्तता भी उच्चस्तरीय जांच के दायरे में आई थी, जिसके चलते इससे पहले पूर्व सीओ को भी निलंबित किया जा चुका है।

सत्तर डिसमिल भूमि के फर्जी केवाले और अवैध दाखिल-खारिज का मामला

प्रकाश में आए इस गंभीर प्रकरण के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना अंतर्गत लगभग सत्तर डिसमिल भूमि का फर्जीवाड़ा सामने आया था। आरोप लगाया गया है कि पूरी तरह से जाली केवाले और दस्तावेजों के सहारे इस जमीन का अवैध तरीके से दाखिल-खारिज कर दिया गया। संपत्तियों के नामांतरण की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुनियोजित तरीके से फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया गया था, जिसका संबंध एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की संपत्ति से है। जैसे ही यह मामला उजागर हुआ, जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी गहन जांच शुरू कर दी गई।

आपराधिक साजिश के संकेत और दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी

इस संपूर्ण भू-घोटाले को लेकर मुसहरी अंचल, अहियापुर थाना तथा स्थानीय सदर थाने में अलग-अलग आपराधिक मुकदमे और प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। पुलिस द्वारा तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की लंबी और कड़ी छानबीन के बाद तत्कालीन सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला तथा राजस्व अधिकारी करुण करण की संलिप्तता के पुख्ता संकेत मिले। इसके उपरांत दोनों अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था। विभागीय स्तर पर सबसे पहले तत्कालीन अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला को जेल जाने से ठीक पूर्व निलंबित किया गया था, और अब इसी क्रम में राजस्व विभाग ने राजस्व अधिकारी करुण करण के निलंबन का आदेश भी जारी कर दिया है।

न्यायिक हिरासत से जमानत पर रिहाई और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा

यद्यपि कानूनी प्रक्रिया के तहत विशेष अदालत में सुनवाई के पश्चात दोनों आरोपित अधिकारियों को पूर्व में ही जमानत पर रिहा करने का आदेश मिल चुका है, परंतु इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई निरंतर जारी है। राजस्व अधिकारी करुण करण के निलंबन की इस ताजा कार्रवाई के बाद से जिला प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और इस हाई-प्रोफाइल जमीन फर्जीवाड़े के प्रकरण पर आम जनता के बीच भी तीव्र चर्चाएं हो रही हैं।

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