महाराष्ट्र में दो बड़ी वारदातें, बारामती हमले में चार गिरफ्तार; हिंगोली में डबल मर्डर

पुणे। महाराष्ट्र में बारामती हवाई अड्डे के पास कारोबारी राणा सूर्यवंशी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस केस में गिरफ्तार होने वालों की कुल संख्या चार हो गई है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला 2 लाख रुपये की सुपारी देकर कराया गया था।

आरोप है कि 50 वर्षीय ज्ञानदेव महादेव शिंदे ने दो युवकों को इस हमले को अंजाम देने के लिए सुपारी दी थी। मामले में हाल ही में स्वप्निल भगवान कांबले और चैतन्य उत्तम बाबर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पार्थ वासुदेव अवाथाले (19) और एक नाबालिग ने हमले को अंजाम दिया था। राणा सूर्यवंशी पर 18 अक्तूबर को धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुणे के रूबी हॉल क्लीनिक में इलाज के बाद उन्हें शनिवार को छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है, हालांकि हमले के मुख्य कारणों की जांच अभी जारी है।

हिंगोली में संपत्ति विवाद को लेकर दोहरे हत्याकांड से सनसनी

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में संपत्ति विवाद को लेकर भतीजे द्वारा अपने चाचा-चाची की निर्मम हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी देवेंद्र चोपड़े का अपने 55 वर्षीय चाचा त्रंबक चोपड़े और 49 वर्षीया चाची मंगलाबाई के साथ वदाद गांव स्थित खेत के मालिकाना हक और साझा कुएं के पानी के इस्तेमाल को लेकर विवाद चल रहा था।

रविवार सुबह जब चाचा त्रंबक खेत में काम कर रहे थे, तभी देवेंद्र ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने चाचा के घर पहुंचकर अपनी चाची मंगलाबाई की भी चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।

महाराष्ट्र मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार, महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की गई है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य के मतदाता रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हैं, जिनमें करीब 1.2 करोड़ मतदाताओं से जुड़ी विसंगतियां और पुणे सहित कुछ अन्य इलाकों में 40.6 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाया जाना शामिल है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि यदि नवंबर तक मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर कर इसे अंतिम रूप नहीं दिया जाता है, तो आगामी चुनावों पर रोक लगाई जाए।

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