समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों का विश्वास जीतें चिकित्सक, मैदानी अमले से सतत बनाए रखें संवाद : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी, सिंगरौली और डिंडोरी जिलों में पदस्थ बॉन्डेड चिकित्सकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण अंचलों में पूरी संवेदनशीलता, समर्पण और सेवाभाव के साथ कार्य करने के लिए चिकित्सकों को प्रेरित किया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती और राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर जोर

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापना युवा चिकित्सकों के लिए पीड़ित मानवता की सेवा करने के साथ ही देश के ग्रामीण परिवेश की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को नजदीक से समझने का एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, और एनीमिया मुक्त भारत जैसे कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए नियमित स्क्रीनिंग, समय पर उपचार और जन-जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर/एमएमआर) में कमी लाने के लिए प्रत्येक गर्भवती महिला की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित करने और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की 9 और 25 तारीख को मिलने वाली निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम उपयोग

नागरिकों में स्वास्थ्य जांच के प्रति सकारात्मक प्रवृत्ति (हेल्थ सीकिंग बिहेवियर) विकसित करने की बात पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, तो स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने हब एंड स्पोक मॉडल को प्रभावी बनाने के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श पहुंचाने के लिए 'ई-संजीवनी' और टेलीमेडिसिन सेवाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।

बॉन्डेड डॉक्टर्स ने साझा किया अपना फीडबैक

समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि सीधी जिले में 16, सिंगरौली में 54 और डिंडोरी जिले में 21 नए बॉन्डेड डॉक्टरों की पदस्थापना की गई है, जिससे वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ चिकित्सकों जैसे डॉ. संजय गुप्ता (सीधी), डॉ. आदित्य गौतम, डॉ. शीतल बामनके (डिंडोरी), डॉ. नितिश कुमार गुप्ता (सिंगरौली) और डॉ. सुभाष सिंह चंदेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से ओपीडी में मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है और ग्रामीण नागरिकों का स्वास्थ्य के प्रति रुझान बढ़ रहा है।

चिकित्सकों के लिए अनुकूल वातावरण और संवेदनशीलता पर बल

उप मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को यह निर्देश दिए कि वे सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त सहयोगी स्टाफ और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे बॉन्डेड डॉक्टर्स को कार्य करने के लिए अनुकूल वातावरण और पूरा सहयोग प्रदान करें। उन्होंने सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक डॉक्टर का मधुर व्यवहार, संवेदनशीलता और आत्मीयतापूर्ण संवाद मरीज के आधे कष्ट को स्वतः दूर कर देता है, इसलिए वे अपने सेवाभाव से ग्रामीणों का विश्वास जीतकर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाएं।

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