सरकार के इस फैसले से देश में आएगी निवेशकों की बाढ़, अर्थव्यवस्था पकड़ेगी रफ्तार

नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मंदी की मार से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कई बड़े ऐलान किए. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के बीच FPI सरचार्ज की वजह से नकारात्मक संदेश पहुंचा है, जिसकी वजह से सरकार ने इस सरचार्ज को वापस लेने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले से विदेशी और घरेलू निवेशक काफी खुश हैं. क्योंकि, यह नियम दोनों निवेशकों पर लागू होता है. बता दें, सरचार्ज वापस लेने से FPI पर टैक्स में 4-7 फीसदी की कटौती होगी. इसके अलावा CSR (कंपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी) की राशि खर्च नहीं करने पर उसे क्रिमिनल ऑफेंस के तहत माने जाने के फैसले को भी वापस लिया है. यह अब सिविल ऑफेंस के तहत आएगा.
बता दें, 5 जुलाई को जब वित्त मंत्री ने सरचार्ज की घोषणा की थी उस दिन के बाद से लगातार FPI सिर्फ बिकवाली कर रहे थे. FPI ने बजट घोषणा के बाद से लगभग 8,500 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. बजट में सुपर रिच लोगों पर टैक्स सरचार्ज बढ़ाया गया था. जिनकी इनकम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है सरकार के मुताबिक, वे सुपर रिच हैं. 2-5 करोड़ तक इनकम वालों पर सरचार्ज बढ़ा कर 25 फीसदी और 5 करोड़ से ज्यादा इनकम वालों पर सरचार्ज 39 फीसदी कर दिया गया था.
सरकार के इस कदम को निवेशकों ने सरकार के कदम की सराहना की है. कर्मा कैपिटल के प्रमुख, नंदिता पार्कर ने कहा कि वित्तमंत्री ने एक असाधारण काम किया है और उनके मुद्दों पर निर्णायक तरीके से प्रतिक्रिया की है. पार्कर FPI की औद्योगिकी इकाई का भी प्रतिनिधित्व करती है. नागिया एडवाइजर्स (एंडर्सन ग्लोबल) के साझेदार, सुनील गिडवानी ने कहा, "सरचार्ज वापस लेना FPI के लिए वाकई बड़ी राहत है. यह घरेलू निवेशकों के लिए भी बोनस है."
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "फाइनेंस एक्ट, 2019 के तहत दीर्घकालिक और अल्पकालिक पूंजी लाभ पर वसूला गया बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस लिया जाता है." सरकार ने यह कदम तब उठाया है, जब भारतीय पूंजी बाजार से जुलाई महीने में भारी मात्रा में विदेशी फंड बाहर चला गया. बजट के बाद से सेंसेक्स में 3,000 अंकों की गिरावट हो गई. इसके पहले यह अपने जीवन के सर्वोच्च 40,000 अंकों पर पहुंच गया था.
