आंध्र प्रदेश में चुनावी विवाद! जगन मोहन रेड्डी ने एजेंटों को बूथ में नहीं जाने देने का लगाया आरोप

विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य में आयोजित हो रहे नगर निकाय चुनावों में व्यापक स्तर पर धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंटों को पुलिस और सत्ताधारी दल के दबाव में मतदान केंद्रों के भीतर प्रवेश करने से जबरन रोका जा रहा है। इन गंभीर शिकायतों को लेकर उन्होंने पुलिवेंदुला स्थित रिटर्निंग ऑफिसर से व्यक्तिगत मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मुलाकात के तुरंत बाद उन्होंने पार्टी के पोलिंग एजेंटों को न्याय दिलाने तथा निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय के बाहर धरना दिया।
पोलिंग एजेंटों को रोकने और बूथों पर कब्जे का आरोप
धरने के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि नियमानुसार पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों के अंदर उपस्थित रहना अनिवार्य होता है, परंतु उन्हें जानबूझकर भीतर जाने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल के असामाजिक तत्वों ने मतदान केंद्रों तथा उनके आसपास के संपूर्ण परिसर पर अनधिकृत कब्जा जमा रखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मतदान केंद्रों पर विपक्षी दल का कोई प्रतिनिधि उपस्थित ही नहीं रहेगा, तो फर्जी मतदान और मतदाताओं की सही पहचान की जांच कैसे संभव हो सकेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी धांधली से जुड़े सभी ठोस साक्ष्य रिटर्निंग ऑफिसर को सौंप दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी और चुनावी लोकतंत्र पर सवाल
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि कई मतदान केंद्रों पर उनकी पार्टी के पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें डरा-धमकाकर खदेड़ दिया गया। लगभग 80 मतदान केंद्रों की स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक जिलों में यही भयभीत करने वाला माहौल बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, वहीं दूसरी तरफ जिन सीटों पर नामांकन दाखिल हो सके, वहां पूरी चुनाव प्रक्रिया का मजाक उड़ाया जा रहा है। जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ न्याय पाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेगी।
आंध्र प्रदेश में 92 शहरी निकायों के लिए कड़े पहरे में मतदान
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों में विभिन्न पदों के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों के मध्य मतदान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। प्रदेश के 13 नगर निगमों तथा 79 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 11,378 मतदान केंद्रों पर प्रातः 7 बजे से मतदान प्रारंभ हुआ, जो सायं 5 बजे तक संपन्न होगा। इस व्यापक चुनावी प्रक्रिया में लगभग 99.35 लाख मतदाता विभिन्न वार्डों, मेयर तथा नगर पालिका अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 10,262 प्रत्याशियों के भाग्य का निर्णय करेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य की 17 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों पर जबकि आठ नगर पालिकाओं में अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्य दोनों ही पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।
