फतेहपुर में दबंगों की दबंगई, गर्भवती महिला और मंत्री की बहन को बनाया निशाना

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अंतर्गत मलवां थाना क्षेत्र के समशाही सुल्तानपुर गांव में रविवार की शाम को एक सनसनीखेज और हिंसक वारदात सामने आई है। गांव में एक पड़ोसी युवक को मनचलों और दबंगों के चंगुल से बचाने के लिए आगे आईं राज्यमंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन रामा देवी और एक गर्भवती महिला पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें पीट दिया। इस दौरान दहशत फैलाने के उद्देश्य से हमलावरों ने राइफल और तमंचे से जमकर हवाई फायरिंग भी की, जिसका खौफनाक वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में भारी दहशत का माहौल है और पुलिस पर कार्रवाई में हीलाहिलामी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
पड़ोसी युवक को बचाने पर राज्यमंत्री की बहन और गर्भवती पर हमला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पीड़ित गांव निवासी शिवसागर निषाद ने बताया कि रविवार शाम करीब पांच बजे गांव के ही रहने वाले सनद सिंह गौतम, अभिलाष सिंह गौतम, धनंजय सिंह, लाल सिंह गौतम और रमेश सिंह गौतम समेत लगभग आठ अन्य लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उसी रास्ते से दवा लेकर अपने घर वापस लौट रही पूर्व प्रधान एवं राज्यमंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन रामा देवी ने जब शिवसागर को पिटते देखा, तो उन्होंने बीच-बचाव कर उसे बचाने की कोशिश की। आरोप है कि हमलावरों ने गुस्से में आकर रामा देवी पर भी हमला कर दिया। इस हंगामे और शोर-शराबे की आवाज सुनकर पीड़ित के छोटे भाई की गर्भवती पत्नी रेशमा भी बीच-बचाव करने मौके पर दौड़ी, जिसे दबंगों ने नहीं बख्शा और बुरी तरह पीट दिया। शिवसागर का यह भी आरोप है कि मुख्य आरोपी धनंजय सिंह के हाथ में राइफल और सनद सिंह के पास तमंचा था, जिन्होंने मारपीट के दौरान दहशत फैलाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग की।
दूसरे पक्ष का कृषि भूमि के विवाद और कब्जे को लेकर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के विपरीत, दूसरे पक्ष ने सामने आकर इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और राज्यमंत्री की बहन रामा देवी पर पुश्तैनी या कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस जमीन के विवाद को लेकर पहले भी जिला कलक्टर तथा बिंदकी के उपजिलाधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। राजस्व विभाग के आधिकारिक अभिलेखों में उनके नाम पर कम जमीन दर्ज होने के बावजूद मौके पर अवैध कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चला आ रहा है।
पुलिस अधीक्षक का बयान और मामले की गहन जांच जारी
इस गंभीर मामले और फायरिंग के वायरल वीडियो का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल प्रभाव से क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को मौके पर वस्तुस्थिति की जांच के लिए रवाना कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन और जांच के दौरान सामने आने वाले पुख्ता तथ्यों के आधार पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
