द्रोणाचार्य अवॉर्ड से जिम्मेदारी भी बढ़ी  : भारद्वाज  

पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के कोच संजय भारद्वाज को इस साल के द्रोणाचार्य अवॉर्ड (लाइफ टाइम कैटिगरी) मिला है। भारद्वाज 90 के दशक से दिल्ली क्रिकेट में सक्रिय हैं। संजय भारद्वाज के कोच रहते ही दिल्ली से गौतम गंभीर, अमित मिश्रा, नवदीप सैनी, मनजोत कालरा, रीमा मल्होत्रा और जोगिंदर शर्मा जैसे खिलाड़ी निकले हैं। संजय भारद्वाज ने कहा कि अवॉर्ड मिलने से जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। अब मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अगर मुझे इस अवॉर्ड के लिए चुना गया है तो उसका श्रेय मेरे शिष्यों को जाता है। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के बिना ऐसा संभव नहीं हो सकता था। 
रोहतक के रहने वाले संजय भारद्वाज एनएसए डिप्लोमा करने के बाद 1989 में दिल्ली आ गए थे। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी गंभीर और अमित मिश्रा 1991 में उनके पास कोचिंग के लिए आए थे। इन दोनों खिलाड़ियों को निखारने के बाद संजय ने दिल्ली क्रिकेट में अपनी अलग ही पहचान बना ली थी। उन्होंने करीब 20 साल के अनुबंध पर कोच के तौर पर अपनी भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने अपना क्लब (एलबी शास्त्री क्लब) खोल लिया। संजय ने कहा कि अवॉर्ड के लिए चुने जाने पर सबसे पहले गंभीर ने ही मुझे बधाई दी। 
संजय भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में क्रिकेट का स्तर बहुत आगे हो गया है। यहां की स्टेट टीम में जगह बनाने के लिए खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर वाला क्रिकेट खेलना होगा। ऐसे में कोच की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। मेरी कोशिश जारी है और आगे भी जारी रहेगी। संजय ने कहा कि शुरुआती उतार-चढ़ाव के दिनों में सलवान ट्रस्ट ने काफी मदद की, मैं उसका हमेशा आभारी रहूंगा। 
इस साल के द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए बैडमिंटन कोच विमल कुमार, टेबल टेनिस कोच संदीप गुप्ता और ए‌थलेटिक्स कोच मोहिंदर सिंह ढिल्लो को चुना गया है। इसके अलावा तीन कोचों को लाइफटाइम कैटेगरी से भी सम्‍मानित किया गया है। इसमें क्रिकेट से भारद्वाज के अलावा हॉकी से मेजबान पटेल, कबड्डी से रामबीर सिंह खोखर हैं। 
 

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