अमेजन वर्षा वनों में आग से दक्षिण अमेरिका के 9 देशों के आसमान में फैला जहरीला धुआं

वाशिंगटन । पिछले एक दशक की अवधि में पहली बार ब्राजील में अमेजन के वर्षा वनों में इतनी भीषण आग लगी है। इस आग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता प्रदर्शित की जा रही है। ब्राजील के उत्तरी भाग में स्थित रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया, पारा, माटो ग्रोसो और अमेजोनास राज्यों में स्थित वर्षा वन इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। आग की घटनाओं में रोराइमा में 141 फीसदी, एक्रे में 138फीसदी, रोंडोनिया में 115 फीसदी और अमेजोनास में 81 फीसदी वृद्धि हुई है। दक्षिण में मोटो ग्रोसो डूको सूल में ये घटनाएं 114 फीसदी तेजी से बढ़ी हैं। इसकी वजह से ब्राजील में आपातकाल की घोषणा की गई है। आग से निकलने वाले धुएं का असर दक्षिणी अमेरिका के 9 देशों में देखने को मिल रहा है।
आग से पैदा हुए धुएं की वजह से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। नासा की मानें तो यह धुआं अटलांटिक तटों तक फैल गया है। इसने 2800 वर्ग किमी क्षेत्रफल को घेर लिया है। आग से बड़ी मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हो रही है। इस साल 228 मेगाटन कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हुई है। यह 2010 के बाद सबसे ज्यादा है। जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड भी पैदा हो रही है। यह दक्षिणी अमेरिका के तटीय इलाकों तक पहुंच चुकी है।
जुलाई से अक्टूबर के बीच सूखे मौसम में ब्राज़ील के जंगलों में आग लगना आम बात हैं। प्राकृतिक कारणों से भी आग लगती है, लेकिन साथ ही किसान और लकड़ी काटने वाले भी आग लगाते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार किसानों और लकड़ी काटने वालों ने जमीन साफ करने के लिए जानबूझकर आग लगाई है। अमेजन के जंगलों की आग इतनी विकराल है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कई उपग्रहों ने इसकी तस्वीरें ली हैं।
इस आग का दक्षिणी अमेरिका के 9 देशों में सीधा असर पड़ रहा है। 19 अगस्त को आग वाली जगह से 2735 किमी दूर स्थित साओ पाओलो शहर दिन में धुएं की वजह से एक घंटे के लिए अंधेरा छा गया था। ब्राजील के सरकार के आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से लेकर अब तक अमेजन के जंगलों में आग की 75 हजार घटनाएं दर्ज की गई हैं। जबकि, पिछले साल 40,136 घटनाएं हुई थीं। यह भी दावा किया जा रहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के सत्ता संभालने के बाद जंगलों के कटने की घटनाएं बढ़ी हैं। अभी हर मिनट एक फुटबॉल मैदान के बराबर जंगल काटे जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति बोलसोनारो की पर्यावरण विरोधी बयानों के चलते जंगलों का कटना बढ़ गया है।
