किसानों का धान खरीदने RBI से 1 हजार करोड़ का कर्ज लेगी भूपेश बघेल सरकार

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार (Bhupesh Baghel Government) एक बार फिर कर्ज लेनी की तैयारी कर रही है. कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार इन कर्ज के पैसों से किसानों (Farmers) का धान खरीदने वाली है. आरबीआई (Reserve Bank of India) से छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने  एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज मांगा है. आने वाले एक से दो दिनों में बैंक से राशि मिलने की भी उम्मीद है. बतातें है कि सरकार ने इस कर्ज के लिए अपने ही सरकारी बांड (government bonds) को बेचा है. एक हजार करोड़ के कर्ज को सरकार सात साल में चुकाने का प्लान बना रही है. जानकारों का कहना है कि नगरी निकाय चुनाव (Municipal elections) से पहले राज्य सरकार (Chhattisgarh Government) 2500 रुपए क्विन्टल में धान खरीदी कर किसानों (Farmers)का विश्वास (Trust) जीतना चाहती है. बता दें कि ये तीसरी बार है जब छत्तीसगढ़ सरकार कर्ज लेने जा रही है.
 गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा- 

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू (Minister Tamrdhavaj Sahu)ने भी सरकार के कर्ज लेने की पुष्टि की है. वहीं इस पूरे मामले में मंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है कि बीजेपी (BJP) की सरकार 15 साल सिर्फ कर्ज माफी की बात करती रही, लेकिन किया कुछ नहीं. लेकिन कांग्रेस (Congress) की सरकार आते ही हमने सबसे पहले किसानों के कर्ज माफी का काम किया. सीएम बनने के सिर्फ दो घंटों में ही भूपेश बघेल ने किसानों के कर्ज माफी का आदेश दे दिया था. किसानों के लिए 2500 रुपए की दर से धान खरीदी की बात हो या कर्जमाफी की बात हो, 15 से 20 हजार करोड़ रुपए हमने कई तरीकों से, योजनाओं में कटौती कर पूरी की. इस दौरान हमने कोई लोन नहीं लिया. गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने साफ कहा कि अगर दि सरकार किसानों के लिए एक हजार करोड़ का कर्ज ले रही है तो इसमें हर्जा क्या है?
मिली जानकारी के मुताबिक सरकार 2014-15 से जनवरी 2018 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से 18350 करोड़ का कर्ज ले चुकी है. बतातें है कि 2014 में 4 किस्तों में 2200, 2015 में 6 किस्तों में 5000, 2016 में 3 किस्तों में 1850 करोड़, 2017 में 5 किस्तों में 7200 करोड़ की राशि ली थी. वहीं 2018 में करीब 2200 करोड़ से अधिक का कर्ज लिया गया है. दिसबर-18 से मार्च-19 तक दोनों ही बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही सरकारों ने कुल 11 हजार करोड़ का कर्ज लिया. इसे मिलाकर राज्य पर कुल 51 हजार करोड़ का कर्ज भार आ गया है, वहीं मौजूदा सरकार ने जुलाई में विधानसभा में 44 सौ करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट लाया. इसे मिलाकर राज्य का बजट अब बढ़कर 1 लाख 241 करोड़ का हो गया है.

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