पंजाब पुलिस में नौकरी के लिए भटक रहे 79 खिलाड़ी, मंत्री ने दे दी मंजूरी, सीएस के पास अटकी फाइल

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर चुके 79 खिलाड़ी पंजाब पुलिस में भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट में आने के बाद भी बीते तीन साल से नौकरी पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मंगलवार को भी तय कार्यक्रम के अनुसार यह खिलाड़ी राज्य के मुख्य सचिव और खेल मंत्री से मिलने पंजाब सिविल सचिवालय पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात न तो खेल मंत्री से हो सकी और न ही मुख्य सचिव से।
मुख्य सचिव कार्यालय के ओर से उन्हें बुधवार को दोपहर 12.30 बजे आने के लिए कहकर लौटा दिया गया। पंजाब के पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य पुलिस में विभिन्न पदों पर नौकरी देने के उद्देश्य से 5 जुलाई, 2016 को खेल विभाग ने विज्ञापन जारी कर 125 पदों के लिए खिलाड़ियों से आवेदन मांगे थे। इस विज्ञापन के अनुसार, पुलिस विभाग में खेल कोटे के तहत 10 डीएसपी, 50 सब इंस्पेक्टर और 65 कांस्टेबलों को भर्ती की जानी थी।

आवेदन हासिल करने के बाद खेल विभाग ने मेरिट सूची तैयार की और उसके आधार पर दिसंबर 2016 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ स्थित टैगोर थियेटर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 46 खिलाड़ियों (10 डीएसपी और 37 सब इंस्पेक्टर) को नियुक्ति पत्र दे दिए, लेकिन बाकी 79 खिलाड़ी जो उस समय प्रदेश से बाहर थे, उन्हें आज तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। इन 79 खिलाड़ियों का दावा है कि वर्ष 2017 के राज्य में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद कोड आफ कंडक्ट लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें नियुक्ति पत्र बाद में दिए जाने की बात कही गई।

लेकिन इसके बाद सूबे में कांग्रेस की सरकार बन गई और तब से अब तक उनकी मांग पर सरकार टालमटोल ही कर रही है। खिलाड़ी रूपिंद्रजीत कौर, गगनदीप कौर और इंद्रजीत कौर ने बताया कि अकाली-भाजपा सरकार ने खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए बकायदा एक मेरिट लिस्ट बनाई थी, जिसमें सभी 79 खिलाड़ी शामिल हैं। नियुक्ति पत्र संबंधी विशेष कार्यक्रम में वे नहीं पहुंच सके थे, इसलिए आज तक उन्हें नौकरी से वंचित रखा गया है। नौकरी के लिए सभी 79 खिलाड़ी खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी से भी मिले थे और उन्होंने उनकी नियुक्ति पर सहमति भी जताई थी।

इस बाबत भेजी गई फाइल लंबे समय से मुख्य सचिव के पास ही अटकी हुई है।

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