मध्यप्रदेश : मरीजों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में नया मोड़, दस्ताने में मिला अलग बैक्टीरिया

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद यहां 15 मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी जाने के मामले में नए बैक्टीरिया के संक्रमण का खुलासा हुआ है। यह बैक्टीरिया इन ऑपरेशनों को अंजाम देने वाले एक परमार्थ अस्पताल के अप्रयुक्त सर्जिकल दस्ताने की प्रयोगशाला जांच में मिला है।
हालांकि, इस ताजा रिपोर्ट से मामले में विरोधाभास पैदा हो गया है क्योंकि संक्रमित सर्जिकल दस्ताने में मिले बैक्टीरिया की प्रजाति उस बैक्टीरिया से अलग है जिसका संक्रमण शुरुआती जांच में मरीजों की प्रभावित आंख में पाया गया था।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जड़िया ने मंगलवार को तसदीक की कि शहर के एक सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच में इंदौर नेत्र चिकित्सालय के एक अप्रयुक्त सर्जिकल दस्ताने में स्टैफायलोकोकस ऑरियस नाम का बैक्टीरिया मिला है।
जड़िया ने बताया, निजी क्षेत्र की एक कंपनी का निर्मित यह सर्जिकल दस्ताना उसी बैच नम्बर का है, जिस बैच नम्बर के दस्तानों का इस्तेमाल इंदौर नेत्र चिकित्सालय में पांच अगस्त और आठ अगस्त को संपन्न मोतियाबिंद ऑपरेशनों में किया गया था।
