देवी अहिल्या बाई होलकर की 224 वीं पुण्यतिथि आज, कई आयोजन होंगे

इन्दौर । प्रातः स्मरणीय देवी अहिल्या बाई होलकर की 224 वीं पुण्यतिथि गुरूवार 29 अगस्त को धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन सुबह से शाम तक कई कार्यक्रम होंगे। प्रातः राजबाड़ा उद्यान स्थित अहिल्या बाई की प्रतिमा का पूजन, स्तुति व माल्यार्पण किया जाएगा। गोपाल मंदिर व इन्द्रेश्वर महादेव मंदिर में महाभिषेक संपन्न होगा। अपरान्ह सम्मान समारोह तथा सायंकाल पालकी यात्रा लाव लश्कर के साथ निकलेगी।
अहिल्या उत्सव समिति की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन व पालकी यात्रा के संयोजक सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष अहिल्या बाई की पुण्यतिथि पर कई आयोजन कर उनका पुण्य स्मरण किया जाता है। तिथि अनुसार अहिल्या देवी की पुण्यतिथि इस बार 29 अगस्त है। इस रोज परम्परानुसार देवी अहिल्या बाई की राजबाड़ा उद्यान स्थित प्रतिमा पर प्रातः 8 बजे पूजन, स्तुति व माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद गोपाल मंदिर व इन्द्रेश्वर महादेव मंदिर में महाभिषेक संपन्न होगा।
सांसद शंकर लालवानी व कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा ने बताया कि 29 अगस्त को दोपहर 3 बजे हैप्पी वांडरर्स स्थित हॉल में गुणीजन सम्मान व पुरस्कार वितरण समारोह होगा। यह समारोह परम पूज्य आचार्य भगवंत ऋषभचंद सुरीश्वर म.सा. मोहनखेड़ा के सानिध्य तथा राज्य के लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। इस अवसर पर आर्गनिक खेती के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्त्ता अरूण डिके का सम्मान किया जाएगा।
:: कश्मीरियों की टोली, नेपाली और बंगाली समाज के जत्थे भी होंगे शामिल ::
संयोजक शंकर लालवानी ने बताया कि इस बार इस पालकी यात्रा का मुख्य आकर्षण कश्मीरीजनों की टोली होगी जो अपने परंपरागत वेशभूषा में मौजूद रहेंगी। नेपाली समाज व बंगाली समाज के जत्थे भी विशेष रूप से शामिल होंगे। सिख समाज की झेलिम पार्टी बोहरा समाज बैंड भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। पालकी यात्रा में ताशा पार्टी के साथ दो अखाड़े भी विशेष रूप से शामिल होंगे। झंडासिंह व्यायामशाला व मल्हारी मार्तण्ड व्ययामशाला के अखाड़े परम्परागत झांकियों के साथ करतब दिखाते हुए चलेंगे। राजकमल बैंड भी पूर्ण साज सज्जा के साथ भजन की स्वरलहरियों की गूंज फैलाते हुए इस यात्रा में सम्मिलित होंगे।
:: परम्परागत लाव लश्कर के साथ से निकलेगी भव्य पालकी यात्रा ::
समन्वयक सुधीर देड़गे व प्रचार प्रमुख रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि शाम 4.30 बजे हैप्पी वांडरर्स सभागृह से ही परम्परागत लाव लश्कर के साथ से भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। इस पालकी यात्रा की शुरूआत में शहनाई वादक मधुर धुन बिखेरते चलेंगे। इसके बाद होलकर शासन के 13 शासक राजकीय वेशभूषा में घोड़े पर सवार रहेंगे। इसके बाद होलकर शासन की ध्वज पताका लिए युवा सम्मिलित होंगे। महिला अहिल्या सेना की युवतियां भी परंपरागत वेशभूषा में घोड़े पर इस पालकी यात्रा में शामिल होंगी। एक सुसज्जित बग्गी में अहिल्या बाई के स्वरूप में युवती विराजित रहेंगी।
समन्वयक अनिल भोजे व विनीता धर्म ने बताया कि यात्रा के अंत में माता की पालकी पूजन कर शामिल होगी जिसे अपने हाथों से श्रद्धालु उठाएंगे। आपने बताया कि पालकी यात्रा हैप्पी वांडरर्स मैदान से शांति पथ, चिमनबाग चौराहा, जेल रोड, एम जी रोड, कृष्णपुरा, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, राजबाड़ा होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी। स्थान – स्थान पर विभिन्न समाज व अन्य संस्थाओं के मंचों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। पालकी यात्रा का समापन परम्परागत रूप से गोपाल मंदिर पर होगा जहां परम्परागत रूप से पूजा, अर्चना व आरती के बाद पालकी यात्रा का समापन होगा। पालकी यात्रा के सबसे आखिरी में सभापति अजयसिंह नरूका अपने साथियों के साथ मौजूद रहेंगे और मार्ग की सफाई करते हुए चलेंगे।
:: अहिल्या उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने पालकी यात्रा मार्ग पर अहिल्याबाई के चित्र वितरित किए ::
कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा व प्रचार प्रमुख रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि आज 28 अगस्त, बुधवार को समिति के पदाधिकारियों ने सांसद शंकर लालवानी के नेतृत्व में पालकी यात्रा मार्ग पर भ्रमण किया तथा व्यापारियों को देवी अहिल्या के चित्र भेंट कर 29 अगस्त को निकलने वाली पालकी यात्रा का भव्य स्वागत करने की अपील की। इस अवसर पर निगम सभापति अजयसिंह नरूका, सुधीर देड़गे, सुधीर दांडेकर, असीम बारगल आदि मौजूद थे। पालकी यात्रा मार्ग पर मंच लगाने वालों से भी यह अनुरोध करेंगे कि मंच सड़क के दाहिने ओर लगाएं तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र भी यात्रा आने के समय ही शुरू करें।
