ढाई घंटे बाद कुलभूषण जाधव और भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर की मुलाकात खत्म

नई दिल्ली : पाकिस्तान एक बार फिर भारत के आगे झुका है. पाकिस्तान सरकार ने आज वहां की जेल में बंद कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया कराया. भारत ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को सोमवार को स्वीकारने के बाद भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर गौरव अहलूवालिया को जाधव से मिलने भेजा. गौरव अहलूवलिया और कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के बीच ढाई घंटे मुलाकात हुई.
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के मुताबिक जानकारी दी है कि दोनों के बीच मुलाकात खत्म हो गई है. पाकिस्तान ने दोनों की मुलाकात अज्ञात जगह करवाई. इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारी भी मौजूद रहे. पाकिस्तान की ओर से इस बार बिना शर्त के कॉन्सुलर एक्सेस देने की बात कही गई थी.
बता दें कि भारत करीब 3 साल से कुलभूषण जाधव का कॉन्सुलर एक्सेस लेना चाह रहा था. सूत्रों ने कहा है कि हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान कॉन्सुलर एक्सेस के दौरान ठीक माहौल देगा ताकि यह मुलाकात अच्छी और प्रभावी हो, जैसा कि इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के आदेश थे.
पाकिस्तान से इससे पहले भी कॉन्सुलर एक्सेस देने के मामले में कुछ शर्तें रखी थीं, जिसे भारत की ओर से अस्वीकार कर दिया गया था. इस बार भी पाकिस्तान सरकार ने दो घंटे का समय देने की बात कही है.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल ने अपने एक ट्वीट में कहा, "कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस सोमवार को प्रदान की जाएगी." उधर, भारत सरकार के सूत्रों का कहना था कि पाकिस्तान के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा था. भारत कॉन्सुलर एक्सेस पर कोई पाबंदी नहीं चाहता था.
भारत के रिटायर्ड नेवी अफसर जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले गया था. कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी. इस साल जुलाई में आईसीजे ने पाक को आदेश दिया था कि वह बिना देर किए जाधव को काउंसलर एक्सेस मुहैया करवाए.
