धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों का धंधा होगा बंद, ‘विदेशी शिक्षा सेल’ के जरिए सरकार भेजेगी विदेश

पंजाबियों में विदेश जाने की चाह का ही नतीजा है कि राज्य में धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों का एक बड़ा नेक्सस सक्रिय है, जिस पर सरकार कानूनी तरीके से लगाम कसने में भी नाकाम रही है।
अब राज्य सरकार ने प्रदेश को लोगों को इन ट्रैवल एजेंटों की धांधली से बचाने के लिए नया तरीका खोज निकाला है। राज्य सरकार अपने अधीन जल्द ही एक विशेष सेल का गठन करने जा रही है, जो पंजाब से विदेश जाकर पढ़ने या रोजगार करने के इच्छुक लोगों को मदद और मार्गदर्शन देगा।

यह जानकारी सोमवार को राज्य के तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण एवं रोजगार सृजन मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने दी। पंजाब भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में चन्नी ने बताया कि धोखेबाज ट्रैवल एजेंट विदेशों में नकली विश्वविद्यालयों में युवाओं को दाखिले करवाने के नाम पर लूटते हैं।
कनाडा में पढ़ाई के लिए जाने का औसतन खर्च 14 लाख रुपये आता है, जिसमें से एडमिशन के बाद 30 फीसदी कमीशन ट्रैवल एजेंट हड़प जाते हैं, जबकि यह राशि विदेश पढ़ने गए छात्र को मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कनाडा में स्वयं देखा है कि कई विश्वविद्यालय केवल एक कमरे में चल रहे हैं और ऐसे फर्जी विश्वविद्यालय में धोखेबाज ट्रैवल एजेंट युवाएं को फंसा देते हैं।

चन्नी ने बताया कि पंजाब सरकार का रोजगार सृजन विभाग ‘विदेशी शिक्षा सेल’ स्थापित करने जा रहा है, जो विद्यार्थियों को न सिर्फ धोखेबाज ट्रैवेल एजेंटों और नकली विदेशी विश्वविद्यालयों से बचाएगा, बल्कि विदेशी पब्लिक यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों और मान्यता प्राप्त संस्थाओं के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उनमें दाखिले में सहयोग भी करेगा।

उन्होंने बताया कि इस तरह विदेश जाने वाले पंजाबी युवाओं को दाखिले के बाद जो कमिशन राशि मिलनी चाहिए, यह सेल उस कमीशन को सीधे छात्र के खाते में ट्रांसफर करना भी यकीनी बनाएगा।

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