दिग्विजय वनवासी थे फिर मलाई खाने क्यों आ गए

नाथ सरकार को मिला साथ, दिग्विजय हुए अनाथ, वनमंत्री सिंघार ने लगाए ताजा आरोप

 

भोपाल । मध्यप्रदेश की राजनीति में भूतपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अकेले थकेले पड़ गए हैं। कमल नाथ सरकार में बेवजह हस्तक्षेप कर रहे दिग्विजय सिंह कोई भी विधायक और मंत्री पसंद नहीं कर रहा है। दिग्गी के विरोध में खुलेआम उतरे वनमंत्री उमंग सिंघार ने मंलवार को ताजा बयान दिया है। सिंघार ने कहा कि दिग्विजय सिंह देश में ध्रुवीकरण कर रहे हैं। वो जबरन कमल नाथ सरकार को ब्लैकमेल करते हैं। सिंघार ने कहा कि दिग्विजय आखिर कांग्रेस को कब तक डराएंगे। 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं। कांग्रेस फिर से सत्ता में आई तो मलाई काटने क्यों आ गए? वे चुनिंदा विधायक और मंत्री के नाम पर ब्लैकमेल कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि जनता को रेत सस्ती मिले। फिर क्यों वह अपने ठेकेदारों को घुसेड़ते हैं। सरकार पर दबाव बनाते हैं। बच्चों की तरह जिद करते हैं। दिग्विजय संभागीय स्तर पर मीटिंग करते हैं। सिंघार ने आरोप लगाया कि दिग्गी ट्रांसफर पोस्टिंग कराते हैं और मंत्रियों को चि_ी लिखकर उसे वायरल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह ने उनसे मिलने का समय मांगा है। इसलिए वे सारे काम छोड़कर उनके इंतजार में बैठे हैं। वह इस मामले में कमल नाथ से भी मुलाकात करेंगे। 

कमल नाथ के दम पर बनी सरकार, वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं 
सिंघार ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार दिग्विजय सिंह ने नहीं बनाई है। यह सरकार कमल नाथ ने बनाई है और नाथ सबसे अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन दिग्विजय बेवजह हस्तक्षेप कर रहे हैं। 

तीन दिन से सिंघार के निशाने पर दिग्गी
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने सरकार के मंत्रियों को पत्र लिखकर कार्यशैली पर सलाह दी है। इसके बाद मंत्रियों में रोष है, लेकिन सिंघार इस पत्र के विरोध में सार्वजनिक रूप से सामने आ गए। रविवार को सिंघार ने कहा कि दिग्विजय सिंह पत्र लिखकर सरकार में जबरन हस्तक्षेप कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दिग्विजय की करतूत को बताया। मंगलवार को उन्होंने मीडिया के माध्यम से दिग्विजय को ब्लैकमेल करने वाला करार दिया। 
कमल नाथ ने दिग्विजय सिंह से चर्चा, सिंघार तलब
उमंग सिंघार की बयानबाज़ी के बाद पैदा हुएराजनीतिक हालात पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दिल्ली प्रवास पर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कमल नाथ को फोन किया। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट चर्चा हुई। इसके बाद सीएम कमलनाथ ने वन मंत्री उमंग सिंघार को तलब किया है।
 
8 महीने के हालात देखकर आहत हूं: यादव
मप्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट किया- मप्र मे 15 सालों तक ईमानदार पार्टीजनों के साथ किये गए संघर्ष के बाद 8 महीनों मे जो स्थितियां सामने आ रही हैं,उसे देखते हुए बहुत व्यथित हूँ,यदि इतनी जल्दी इन दिनों का आभास पहले ही हो जाता तो शायद जान हथेली पर रखकर जहरीली और भ्रष्ट विचारधारा के ख़िलाफ़ लड़ाई नही लड़ता,बहुत आहत हूं।
घर का विवाद घर में ही सुलझा लेना चाहिए: मंत्री वर्मा
-भतीजे के गर्भगृह में केक काटने को ठहराया सही
पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि उमंग सिंगार को सोच समझकर बयान देना चाहिए। दिग्विजय सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता है। घर का विवाद घर में ही सुलझा लेना चाहिए। आनंद राय के वायरल ऑडियो पर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह ठीक नही है। उन्होंने अपने भतीजे के खजराना मंदिर में केक काटने के मामले को भी सही ठहराया सज्जन वर्मा ने कहा कि बीजेपी वाले क्या-क्या नहीं काटते। कई गायों से भरे ट्रक पकड़ा रहे हैं। अगर मंदिर में एक केक काट दिया तो कौन सा गुनाह कर दिया।
– नेता प्रतिपक्ष का विवादित बयान
मैंने तो पहले ही कहा था- कमजोर संतान पैदा हुई है
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मप्र की सरकार पर विवादित बयान दिया है। भार्गव ने एक चैनल से कहा कि मैंने तो पहले ही कहा था प्रदेश में कमजोर संतान पैदा हुई है, यह ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहने वाली। उनका निशाना प्रदेश की बहुमत से बनी सरकार की ओर था।

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