3 दिन बाद मिला शव, बनास नदी में तेज बहाव के चलते बह गया था युवक

टोंक: घाड़ के आंबा का घाटा में नहाते समय सोमवार को बनास नदी में बहे छह बहनों के इकलौते भाई का तीसरे दिन कड़ी कोशिशों के बाद आज शव मिला है. घाड़ थाना क्षेत्र के देवड़ावास पंचायत के बनास नदी के तट पर बसे जलेरी गांव निवासी मुकेश भील सोमवार शाम दो साथियों के साथ देवड़ावास-टोडारायसिंह मार्ग स्थित बनास नदी में बने आम्बा का घाटा पर नहाने गया था. 

रपटे पर पानी का बहाव तेज होने से वह बह गया था. उसे ढूंढने के लिए परिजन और पुलिस दल ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसका कई सुराग नहीं लगा. मंगलवार को रेस्क्यू दल के 22 सदस्यों ने नदी में खूब तलाश की. मुकेश की तलाशी के लिए देर रात तक पुलिस बनास नदी के किनारे टॉर्च और अन्य संसाधनों से लापता युवक को तलाशती रही, लेकिन वह नहीं मिला.

जिसके बाद बुधवार को मेहंदवास थाना क्षेत्र के छाण गांव के पास बनास नदीं के किनारे शव क्षत विक्षत हालत में मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर दूनी अस्पताल पहुंचाया. जहां शव का पोस्टमार्टम किया गया. पुलिस ने बताया कि देवड़ावास पंचायत के बनास नदी के तट पर बसे जलेरी गांव निवासी मुकेश भील छह बहिनों का इकलौता भाई और पिता की इकलौता बेटा था. मुकेश के दो बेटियां व एक 11 माह का बेटा भी बताया जाता है. पूरा परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करता है. सोमवार की शाम हुई इस घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया. सोमवार शाम बनास नदी में लापता हुए युवक की घटना की जानकारी मिलने के बाद घाड़ पुलिस का पूरा पुलिस जाप्ता थानाधिकारी घीसालाल, चौकी प्रभारी रामदेव शर्मा, लालाराम गुर्जर, जगदीश रूढवाल, दूनी तहसीलदार पृथ्वीराज मीणा, हल्का पटवारी जितेंद्र चौधरी, गिरदावर राधेश्याम मीणा के अलावा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे.
 

Leave a Reply