साढ़े 7 करोड़ रुपये की लालच में अंतागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने छोड़ा था मैदान, दर्ज कराया बयान

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बहुचर्चित अंतागढ़ उपचुनाव (Antagarh By-Election) में कांग्रेस (Congress) के प्रत्याशी रहे मंतूराम पवार (Manturam Pawar) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. मंतूराम ने कोर्ट (Court) में 164 के तहत कलमबद्ध बयान में कई अहम खुलासे किए हैं. मंतूराम पवार ने बताया कि साल 2014 में अंतागढ़ में हुए उपचुनाव में उनके मैदान छोड़ने की कीमत साढ़े 7 करोड़ रुपये थी. इतना ही नहीं इस डील में मंतूराम पवार ने तब सत्ता में रहे बीजेपी के दिग्गजों के शामिल होने का आरोप भी लगाया है.
मंतूराम पवार (Manturam Pawar) ने बीते शनिवार को कोर्ट को दिए बयान में कहा, 'उपचुनाव (By-Election) में मुझ पर दबाव बनाकर ऐन वक्त पर नाम वापसी कराया गया था. तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह, पूर्व सीएम अजीत जोगी, तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत, तत्कालीन विधायक अमित जोगी सहित फिरोज सिद्दकी और अमीन मेनन के बीच नाम वापसी के लिए साढ़े सात करोड़ रुपए में डील की गई थी.'
मंतूराम पवार ने कहा कि उस वक्त लोकतंत्र की हत्या हुई थी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. बता दें कि वर्ष 2014 में हुए अंतगाढ़ उपचुनाव में मंतूराम पवार कांग्रेस के प्रत्याशी थे और अंतिम समय में नाम वापस लेकर राजनीतिक भूचाल ला दिया था. नाम वापसी के बाद बीजेपी को उपचुनाव में एक तरह से वाकओवर मिल गया, क्योंकि जिस वक्त मंतूराम ने मैदान छोड़ा, उस वक्त कांग्रेस कोई दूसरा प्रत्याशी खड़ा नहीं कर सकती थी. घटना के चार माह बाद एक ऑडियो टेप जारी हुआ, जिसमें खरीद-फरोख्त और डिलिंग का जिक्र किया गया था. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इस मामले में नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.डॉ. रमन ने लगाए ये आरोप
अंतागढ़ उपचुनाव में पैसे के लेन-देन के आरोप को लेकर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह विशुद्ध रूप से राजनीति से प्रेरित है और दबाव डालकर मंतूराम से बयान लिया गया है. उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा उपचुनाव को प्रभावित करने की यह एक साजिश है और सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर इस तरह की बयानबाजी हो रही है, जबकि इस दौरान वह अमेरिका में थे और इस सिलसिले में उनकी किसी से भी बात नहीं हुई है.
