मंदी की गहरी खाई में गिरती जा रही अर्थव्यवस्था, कब आंखें खोलेगी सरकार: प्रियंका गांधी

अर्थव्यवस्था (Economy) में सुस्ती और वाहनों की बिक्री में गिरावट को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार पर निशाना साधा है. प्रियंका ने सवाल किया कि आखिर सरकार मंदी पर अपनी आंखें कब खोलेगी.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को ट्वीट किया, 'अर्थव्यवस्था मंदी की गहरी खाई में गिरती ही जा रही है. लाखों हिंदुस्तानियों की आजीविका पर तलवार लटक रही है. ऑटो सेक्टर और ट्रक सेक्टर में गिरावट ‘प्रोडक्शन-ट्रांसपोर्टेशन’ में नकारात्मक विकास और बाजार के टूटते भरोसे की निशानी है.' उन्होंने सवाल किया, 'सरकार कब अपनी आंखें खोलेगी?'
कांग्रेस महासचिव ने इसके पहले एक कविता के जरिए देश की की मौजूदा आर्थिक हालात पर कमेंट किया. प्रियंका ने लिखा:-
अर्थव्यवस्था करके चौपट
मौन बैठी है सरकार
संकट में हैं कम्पनियां
ठप्प हो रहा व्यापार
ड्रामे से, छल से, झूठ से
प्रचार से करके कपट
जन-जन से छुपा रहे
देश की हालत विकट
प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस के तमाम बड़े नेता भी आर्थिक सुस्ती पर मोदी सरकार को घेर चुके हैं. इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए मोदी सरकार को सलाह दी थी. वहीं, आईएनएक्स मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट पर कमेंट कर चुके हैं.
देश की विकास दर में सबसे तेज गिरावट
बता दें कि देश की विकास दर में गिरावट दर्ज हुई है. पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गई है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की किसी एक तिमाही में सबसे सुस्त रफ्तार है. अगर सालाना आधार पर तुलना करें तो करीब 3 फीसदी की गिरावट है. एक साल पहले इसी तिमाही में जीडीपी की दर 8 फीसदी थी. पिछली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में गिरावट और कृषि उत्पादन में कमी का जीडीपी ग्रोथ पर ज्यादा असर हुआ.
मंदी की दौर से गुजर रहा ऑटो मोबाइल सेक्टर
ऑटोमोबाइल समेत अन्य सेक्टर में सुस्ती का दौर देखने को मिल रहा है. ऑटो सेक्टर में प्रोडक्शन और सेल्स में लगातार गिरावट आ रही है. वहीं लाखों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं. इसी तरह एफएमसीजी और टेक्सटाइल सेक्टर भी मंदी जैसे हालात से गुजर रहे हैं. कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी गिरावट दर्ज की गई है.
