पंजाब-जम्मू सीमा पर जैश के 3आतंकी गिरफ्तार, 6 एके56 दो एके 47 बरामद, अमृतसर से लिए गए थे

पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में आतंक मचाने की फिराक में निकले 3 आतंकियों को लखनपुर में जम्मू और कश्मीर पुलिस ने हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार कर लिया। तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से संबंधित बताए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
आतंकियों से 6 एके-56, 2 एके-47, 6 मैगजीन, 180 कारतूस और 11 हजार नकदी बरामद हुई है। आतंकियों की पहचान पुलवामा के अघलर कंडी राजपोरा निवासी उबेध-उल-इस्लाम, बडगाम के पाखेरपुरा चरार शरीफ निवासी जहांगीर अहमद पैरी और राजपोरा निवासी सबील अहमद बाबा के रूप में हुई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आतंकियों से पूछताछ कर रही हैं।
पंजाब के रास्ते कश्मीर को दहलाने की साजिश
श्रीनगर में भारतीय फौज की मौजूदगी से आतंकियों के हौसले पस्त हैं। सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ डटी है। ऐसे में हथियारों की सप्लाई के लिए आतंकियों ने पंजाब का रास्ता चुना है। आतंकियों ने ट्रक में सेब पैकिंग के लिए जा रहे गत्ते की खाली पेटियों में हथियार छुपा रखे थे।
सूत्रों का कहना है कि ट्रक दिल्ली की ओर से चला था, जिसमें अमृतसर के आसपास हथियार लोड किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार संपर्क बनाए हुए है। मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने भी विशेष अभियान समूह के एक ग्रुप को कठुआ भेजा है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एसएसपी कठुआ श्रीधर पाटिल ने बताया कि उक्त सामान बरामद कर पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की भयावह योजना पर पानी फेर दिया है। आतंकियों की मंशा जम्मू-कश्मीर की शांति और सद्भाव को भंग करना था। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में जुटी है, आतंकियों से पूछताछ की जा रही है।
आतंकियों को घाटी तक पहुंचाने के मॉडयूल का हो चुका है खुलासा
ठीक एक साल पहले जम्मू के झज्जर कोटली में हुए मुठभेड़ के साथ ही पाक प्रशिक्षित आतंकियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करवाने के नए तरीके का खुलासा हो चुका है। इस दौरान कश्मीर के ट्रक का इस्तेमाल कर आतंकियों को आईबी से सटे नेशनल हाईवे से कश्मीर घाटी तक पहुंचाने का खुलासा हुआ था। हालांकि झज्जर कोटली के नजदीक आतंकियों की ट्रक में मौजूदगी भांप ली गई और मुठभेड़ में उन्हें ढेर भी कर दिया गया था। हीरानगर और सांबा सेक्टर में भारी सुरक्षाबलों की तैनाती और मुस्तैदी के बाद आतंकी घुसपैठ करने में नाकामयाब रहे हैं। लिहाजा अब आतंकियों के लिए हथियारों की सप्लाई पंजाब के रास्ते जम्मू कश्मीर विशेषकर घाटी तक पहुंचाई जा रही है।
हिजबुल के इसी तरह के मॉडयूल का जनवरी में हुआ था खुलासा
इसी साल जनवरी माह के पहले सप्ताह में जम्मू कश्मीर पुलिस ने लखनपुर से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए दोनों युवकों के तार हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ने की बात सामने आई थी। पुलिस ने बताया था कि आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का काम संदिग्ध कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के 71 हजार रुपये बरामद करने का दावा भी किया था। पंजाब की ओर से आ रहे ट्रक से पुलिस ने चालक आकिब और निसार अहमद निवासी चरसू, अवंतीपोरा से पूछताछ की थी, जिसके बाद पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियों निवारण एक्ट, 120 बी और 7/27 आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न मामलों में केस दर्ज किया था।
जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए फिर बदला पैंतरा
राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पांच अगस्त से कश्मीर घाटी में लगातार बंद जैसे हालात और आतंकियों के लिए लगातार चलाए जा रहे कासो को देखते हुए पाकिस्तान में बैठे आतंक के सरगनाओं ने फिर से पैंतरा बदल लिया है।
एलओसी पर लगातार भारी गोलाबारी कर जहां सुरक्षाबलों का ध्यान भटकाया जा रहा है, वहीं कश्मीर घाटी में चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाबलों की मुस्तैदी को देखते हुए पंजाब के रास्ते हथियारों की सप्लाई शुरू की गई है। लखनपुर में आबकारी टोल प्लाजा पर गुड्स स्कैनर की योजना को पिछले डेढ़ दशक में अंजाम तक न पहुंचाया जाना आतंकियों के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है। हालांकि कठुआ पुलिस की मुस्तैदी से लखनपुर पार करने से पहले ही आतंकियों को गिरफ्तार कर हथियारों को जब्त कर लिया गया है।
लखनपुर टोल प्लाजा के रास्ते रोजाना ढाई से तीन हजार ट्रक आयात-निर्यात के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जांच के नाम पर आबकारी विभाग की टीम गिने चुके ट्रकों को ही रोककर जांच करती रही है। कई बार मामले पकड़े जाते हैं, तो कई बार लखनपुर टोल प्लाजा से आसानी से तस्करी होती रही है। मवेशी से लेकर जड़ी-बूटियों, सीमेंट, विलो आदि की तस्करी आम बात है।
