इस्तीफा नामंजूर होते ही एक्शन पर आए सुनील जाखड़, 17 को बुलाई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा अपने पद से दिया गया इस्तीफा पार्टी हाईकमान ने नामंजूर कर दिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुनील जाखड़ के इस्तीफे पर शनिवार को यह फैसला लिया। इस फैसले के बारे में पंजाब मामलों की इंचार्ज आशा कुमारी ने पत्र जारी करके सूचना सुनील जाखड़ को दे दी है।
उन्होंने जाखड़ से अपने पद पर कार्य करते रहने को भी कहा है। जाखड़ ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान गुरदासपुर सीट से भाजपा के प्रत्याशी सनी देओल के हाथों हार का सामना करने के बाद 27 मई को प्रदेशाध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा पार्टी आलाकमान को सौंप दिया था। जाखड़ ने इसके साथ ही पार्टी की गतिविधियों से भी दूरी बना ली थी। जाखड़ ने आलाकमान को भेजे अपने इस्तीफे के बारे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी सूचना नहीं दी थी।
हालांकि इस्तीफे की खबर मिलते ही कैप्टन और प्रदेश के कई मंत्रियों और विधायकों ने जाखड़ के इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए पार्टी आलाकमान से यह अपील भी की थी कि जाखड़ का इस्तीफा मंजूर न किया जाए। शनिवार को दिल्ली में पार्टी की अंतरिम प्रधान सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई बैठक में जाखड़ के इस्तीफे पर चर्चा हुई, जिसे सोनिया गांधी ने अस्वीकार कर दिया।

जाखड़ को भेजे पत्र में आशा कुमारी ने लिखा है कि कांग्रेस हाईकमान को भेजा गया आपका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया है और अब आप इस पद पर कार्य करते रहेंगे। इस बीच, पंजाब कांग्रेस कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार, सुनील जाखड़ ने इस्तीफा नामंजूर होने के बाद फिर से प्रदेशाध्यक्ष पद का कामकाज संभाल लिया है और 17 सितंबर को प्रदेश इकाई की एक बैठक भी बुला ली है।

जाखड़ ने कांग्रेस भवन में बुलाई बैठक
पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से सुनील जाखड़ का इस्तीफा नामंजूर होने के तुरंत बाद शनिवार को जाखड़ ने फिर से पार्टी का कामकाज संभाल लिया। पार्टी आलाकमान को मई माह में इस्तीफा भेजने के बाद से करीब तीन महीने से प्रदेश कांग्रेस की गतिविधियों से दूर रहे जाखड़ ने 17 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों, जिला प्रधानों और विधायकों की बैठक बुला ली है। इस बैठक को लेकर पदाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा गया है कि 17 सितंबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में पार्टी संगठन को मजबूत करने और गांधी जयंती मनाने की रूपरेखा तय करने के लिए बैठक बुलाई गई है।

 

Leave a Reply