दिवंगत परिजनों के आशीर्वाद पाने का अनूठा पर्व है श्राद्ध पक्ष : पं. शर्मा 

इन्दौर । श्राद्ध पक्ष भारतीय संस्कृति का अनूठा पर्व है जब हम अपने दिवंगत परिजनों के आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बना सकते हैं। हम सबसे कहीं न कहीं अपने पूर्वजों के प्रति जाने-अनजाने में त्रुटियां हुई होगी, उनके प्रायश्चित स्वरूप तर्पण जैसी सहज क्रिया हमारे शास्त्रों ने हमे दी है। कोशिश यहीं होना चाहिए कि हमें जन्म देने वाले माता-पिता जीवन के अंतिम क्षणों तक सुखी और प्रसन्न रहें। तर्पण क्रिया के माध्यम से हम अपने माता-पिता या अन्य दिवंगतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
ये विचार हैं आचार्य पं. राजेश शर्मा के, जो उन्होने विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम पर महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य में चल रहे निशुल्क पितृ मोक्ष तर्पण महायाग अनुष्ठान में उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। विद्याधाम पर पितृ पक्ष में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से निशुल्क तर्पण अनुष्ठान का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। इसमें शामिल होने वाले साधकों को पूजन एवं तर्पण की समस्त सामग्री आश्रम परिवार की ओर से निशुल्क दी जा रही है। प्रतिदिन सैकड़ों साधक यहां आ कर इस अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। आश्रम परिवार की ओर से पूनमचंद अग्रवाल, गोपाल मालू, डॉ. संजय पंडित, रमेशचंद्र राठौर, सत्यनारायण शर्मा, योगेश होलानी एवं अन्य श्रद्धालु भी व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। आश्रम की गौशाला पर साधको द्वारा गौ पूजन एवं गौ सेवा की व्यवस्था भी की गई है। यह अनुष्ठान 28 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से जारी रहेगा। अनुष्ठान के साथ 16 सितंबर से प्रतिदिन दोपहर 3 से सांय 6 बजे तक चंद्रसरोवर मथुरा के भागवताचार्य पं. यादराम शास्त्री के श्रीमुख से भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन भी होगा।  

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