550वें प्रकाश पर्व समारोह के आयोजन पर पंजाब सरकार और एसजीपीसी में फिर ठनी, जानिए मामला

गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर समारोह आयोजन करने को लेकर पंजाब सरकार और एसजीपीसी में एक बार फिर से ठन गई है। समागम संयुक्त रूप से आयोजित करने के लिए गठित की गई तालमेल कमेटी पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
एसजीपीसी द्वारा तालमेल कमेटी की बुलाई गई तीन बैठकों में से दो बैठकों से गैर हाजिर रही पंजाब सरकार ने बीते सप्ताह आयोजित तालमेल कमेटी की बैठक में मंत्री सुखजिंदर रंधावा को भेजा था। इस बैठक के दो दिन बाद एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल शिअद के अध्यक्ष व सांसद सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल व अन्य के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद को प्रकाश पर्व के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देने गए।

अब इस पर विवाद हो गया है। एसजीपीसी अध्यक्ष की इस राजनीति पर मंत्री रंधावा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत को एक पत्र लिखा है। इससे पहले भी जब भाई लौंगोवाल उक्त वफद के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता देने गए थे, तब भी रंधावा ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखा था।
न पहले पत्र का जवाब दिया, न दूसरे पत्र का देंगे
सूत्रों के अनुसार, जत्थेदार ने रंधावा के पहले पत्र का जवाब भी नहीं दिया था। जत्थेदार उनके दूसरे पत्र का भी जवाब नहीं देंगे, ऐसी उनकी आशंका है। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के समागमों के आयोजन एसजीपीसी व पंजाब सरकार मिल कर करे, इसके लिए जत्थेदार को अपने अस्तित्व की जानकारी देनी होगी। एक वीडियो जारी कर रंधावा ने कहा कि 17 जून को एसजीपीसी व पंजाब सरकार के तीन प्रतिनिधियों के साथ जो पहली बैठक हुई थी, उसमें तय हुआ था कि मिल कर सभी प्रमुख व गण्यमान्यों को न्योता दिया जाएगा, लेकिन एसजीपीसी ने इस पर अमल नहीं किया।

रंधावा ने कहा कि भाई लौंगोवाल की मजबूरी है कि उनको एसजीपीसी के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने वाली अथॉरिटी को वह नाराज नहीं कर सकते। यदि लौंगोवाल सरकार के किसी प्रतिनिधि को राष्ट्रपति को न्योता देने जाने वाले वफद में शामिल नहीं करना चाहते थे, तो वह तालमेल कमेटी के सदस्यों बीबी जागीर कौर व निहंग संगठन के मुखिया को साथ लेकर जाते। भाई लौंगोवाल ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों की अवज्ञा की है। प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों को सांझे तौर पर आयोजित करने से पंजाब सरकार नहीं, एसजीपीसी भाग रही है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के आरोप हैं, उनको स्टेज पर बैठा कर सम्मानित करवाना एसजीपीसी को शोभा नहीं देता। बादल परिवार मुख्य स्टेज पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से आग्रह किया कि वह उनके पत्र का उत्तर दें और जिन लोगों ने उनके आदेश की अवज्ञा की है, उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में तलब कर चेतावनी दी जाए।

 

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