बड़ा फैसलाः चुनाव रद्द हो गया, पर जयतीर्थ दहिया से वापस नहीं लिए जाएंगे वेतन और भत्ते

कांग्रेस के पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया का चुनाव पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भले ही रद्द कर दिया हो, लेकिन हरियाणा विधानसभा उनसे वेतन-भत्ते वापस नहीं लेगी। विधायक रहते हुए दहिया ने वेतन, भत्तों के बदले लगभग पांच साल के कार्यकाल में काम भी किया है।
स्पीकर कंवर पाल का कहना है कि विधानसभा के नियमानुसार हाईकोर्ट अगर इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत को विजयी घोषित कर देता है तो दहिया की पेंशन और पूर्व विधायक के नाते मिलने वाले लाभ ही बंद होंगे। वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाएं जो उन्हें मिल चुकी हैं, उन्हें वापस लेने का कोई नियम नहीं है।

इंद्रजीत को हाईकोर्ट ने इसलिए अभी तक विजय घोषित नहीं किया है, क्योंकि दहिया की रिक्रिमेशन याचिका विचाराधीन है। इसका निपटारा होने पर ही इंद्रजीत को विजयी घोषित करने पर फैसला लिया जाएगा। हाईकोर्ट ने 27 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर इनेलो प्रत्याशी व चुनाव आयोग से जवाब मांगा हुआ है।

दहिया ने अपनी याचिका में इनेलो प्रत्याशी पर अपने गांव के बूथ कब्जाने का आरोप लगाया हुआ है। साथ ही उनका पक्ष सुनने की भी मांग की हुई है।
तीन वोट से जीते जयतीर्थ दहिया का चुनाव अमान्य
सोनीपत की राई विधानसभा सीट से 3 वोट से विजयी कोंग्रेस उम्मीदवार जयतीर्थ दहिया का चुनाव पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। ईवीएम के रिकॉर्ड की जांच के बाद इंदरजीत दहिया के चार वोट बढ़ गए हैं, जबकि जयतीर्थ दहिया तीन वोटों से जीते थे। दूसरी ओर जयतीर्थ दहिया ने रिक्रिमेशन याचिका दायर कर कहा कि अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है तो अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले एक बार उनका पक्ष अवश्य सुना जाए। अपनी याचिका में जयतीर्थ दहिया ने इंदरजीत पर अपने गांव में बूथ कब्जाने का आरोप लगाया है।

इस याचिका पर हाई कोर्ट ने बुधवार को इंदरजीत सहित चुनाव आयोग को 27 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है और याचिका के विचाराधीन रहते इंदरजीत दहिया को भी अभी विजयी घोषित नहीं किया है। 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव में जयतीर्थ दहिया को 36,403 व इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया को 36,400 वोट मिले थे। इंद्रजीत दहिया महज 3 वोट के अंतर से चुनाव हार गए थे और बाद में उन्होंने इस चुनाव को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम के जांच के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट के आदेशों पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बेंगलूरू के ईवीएम विशेषज्ञ रवि रंजन ने इन सभी ईवीएम की जांच कर उसकी रिपोर्ट सीलबंद हाईकोर्ट को सौंप दी थी। हाईकोर्ट को बताया गया था कि कुल 9 वोट ऐसे हैं, जिस पर विवाद है। इनमें चार वोट दो बार डाली गई हैं और एक वोट मृतक की डाली गई है। बहस के दौरान यह भी सवाल उठा कि जो चार वोट दो बार डाली गई है, उन्हें रद्द माना जाए या उन्हें आठ वोट माना जाए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को जयतीर्थ दहिया के चुनाव को रद्द कर दिया है, दहिया की रिक्रिमेशन याचिका के विचाराधीन रहते इंदरजीत दहिया को भी अभी विजयी घोषित नहीं किया है।

 

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