राजस्थान घूमने आया फ्रैंच जोड़ा भटका रास्ता, पार्षद बागरेचा ने रात में अपने घर ठहराया

चूरू. राजस्थान में चूरू जिले के सुजानगढ़ (Sujangarh) के बागरेचा परिवार (Bagrecha Family) ने अतिथि देवो भव: की उक्ति को सार्थक करते हुए एक रास्ता भटक गए फ्रैंच जोड़े को शरण दिया है. दरअसल फ्रांस से भारत घूमने के लिए आए इंजीनियर कौरेन पैरी (Corroenne Pierre) व उनकी पत्नी लैंडस्कैप आर्किटेक्ट कौरेन डोम्नीक्यू (Corroenne Dominique) बैंगलोर से दिल्ली आए. यहां आकर उन्होंने एक बुलेट किराये पर ली और राजस्थान की सैर पर निकल गए. जैसलमेर से वापस आते वक्त सुजानगढ़ में रास्ता भटक जाने के बाद लुहारागाड़ा स्थित बागरेचा परिवार के घर पहुंच गए और रात भर रूकने के लिए गेस्ट हाउस या होटल का रास्ता पूछने लगे. बागरेचा ने उन्हें अपने घर में आश्रय दिया.

फ्रैंच जोड़े का माल्यार्पण किया और शॉल ओढ़ाया

पार्षद मधु बागरेचा, उनके पति विद्या प्रकाश बागरेचा सहित पूरे परिवार ने उनका राजस्थानी परंपराओं के अनुसार स्वागत करते हुए माल्यार्पण कर शाॅल ओढ़ाया. अभिनंदन से अभिभूत हुए विदेशी जोड़े ने कहा यह हमारे जीवन का अद्भुत दिन है. वहीं मीडिया से बातचीत में कौरेन पैरी ने बताया कि विदेशों में भारत के इन्क्रेडिबल इंडिया मिशन की काफी तारीफ सुनने को मिलती है और फ्रांस के लोग चीन के बाद भारत को दूसरी वैश्विक ताकत समझते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे भारत की 13वीं यात्रा पर आए हैं. उनकी यात्रा का मकसद केवल यहां के एतिहासिक स्थलों को देखना और यहां की संस्कृति को समझना है.
दोनों 13वीं बार भारत पर आए हैं, कहा-प्लास्टिक कचरा भारत की सबसे बड़ी समस्या

कौरेन पैरी ने बताया कि मैं पहली बार भारत में 1976 में आया था. उसके बाद जब भी घूमने के बारे में सोचता हूं, तो मेरा ध्यान सबसे पहले भारत की ओर जाता है. उन्होंने प्लास्टिक कचरे को भारत के लिए बड़ी समस्या बताया.

Leave a Reply