फरीदकोटः जिंदगी और मौत से जूझ रहे ‘ऐना तेनु प्यार करां’ गाने के लेखक, लगाई मदद की गुहार

पंजाबी के प्रसिद्ध लोक गायक बलकार सिद्धू के गाए चर्चित गीत जीवे चन्न ते चकौर, जीवे गढ़वा ते डोर, जीवे मच्छी दे नाल तला ऐना तैनुं प्यार करां के लेखक व पंजाब के नामी गीतकार गुरनाम गाम इन दिनों फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत से लड़ रहे हैं। वह पिछले 8 साल से लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं और उपचार कराने में सारी पूंजी लगा चुकी है।
बीमारी के कारण उनके आर्थिक हालात बदतर हो चुके हैं। परिवार ने राज्य सरकार व समाजसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है। निहाल सिंह वाला (मोगा) के गांव धूड़कोट रणसिंह निवासी 46 वर्षीय गुरनाम गामा ने एक से एक बढ़कर पंजाबी गीत लिखे हैं, जिन्हें अपनी आवाज देकर पंजाब के कई कलाकारों ने खूब पैसा कमाया। लेकिन संकट की इस घड़ी में उनके साथ कोई नहीं दिख रहा।
फरीदकोट के पंजाबी गायक हरिंद्र संधू व पंजाबी गीतकार सीरा लुहार ही गुरनाम गामा को गांव से फरीदकोट लेकर आए और अस्पताल में उन्हें दाखिल कराया है। गायक हरिंद्र संधू ने कहा कि कई कलाकारों ने गुरनाम गामा की मदद की, लेकिन यह मदद उनकी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए नाकाफी है।
गामा के कई गीतों को श्रोताओं ने काफी पसंद किया और उनका एक गीत ऐना तैनुं प्यार करां तो अभी तक हर किसी की जुबान पर चढ़ा रहता है। गीतकार गुरनाम गामा के परिवार में माता पिता, पत्नी व दो बच्चे (एक बेटा व एक बेटी) के अलावा एक छोटा भाई है। जबकि उनकी दो बहनें विवाहित हैं। इलाज कराने में लगभग सारी पूंजी गवां चुके गामा के परिवार ने राज्य सरकार व समाजसेवी संस्थाओं से इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।
