उपचुनावः जलालाबाद में कांग्रेसी और अकाली भिड़े, दाखा में हुई हिंसा, एक को लगी गोली

जलालाबाद में मतदान वाले दिन कांग्रेसी और अकाली आपस में भिड़ गए। कांग्रेसियों ने मार्केट कमेटी के पोलिंग बूथ के पास लगा अकालियों का टेंट उखाड़ दिया।
इसी तरह अकाली प्रत्याशी राज सिंह डिब्बीपुरा ने एक निजी स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर एक व्यक्ति को पकड़ा, जो लोगों को पैसे बांट रहा था। इसके अलावा मतदान शुरू होते ही बूथ नंबर-11 व 151 की ईवीएम खराब हो गई, जिस कारण मतदान काफी देर तक रोका रहा।
दोपहर बाद मार्केट कमेटी में बने पोलिंग बूथ नंबर-17,18 व 19 के बाहर कांग्रेसी और अकाली में किसी बात पर कहासुनी हो गई, देखते ही देखते आपस में भिड़ गए और हाथापाई और धक्कामुक्की शुरू हो गई। कांग्रेसियों ने बूथों के नजदीक अकालियों का टेंट लगा था, जिसे उखाड़ दिया। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई और मामले को शांत करवाया।
अकाली प्रत्याशी राज सिंह डिब्बीपुरा का आरोप है कि एक निजी स्कूल में बने पोलिंग बूथ के पास एक व्यक्ति लोगों को पैसे बांट रहा था, जिसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। डिब्बीपुरा का आरोप है कि कांग्रेस लोगों को पैसे और शराब बांट रही है।
सुबह गांव चक पुन्ना वाली खलचीयां में बने पोलिंग बूथ नंबर-151 और बूथ नंबर-11 पर ईवीएम खराब होने पर लोग काफी देर तक मतदान करने के लिए बूथ के बाहर बैठे रहे। उसके बाद जिला प्रशासन ने बूथों पर नई ईवीएम रखवाई तब जाकर मतदान शुरू हुआ।
दाखा विधानसभा में सोमवार को उपचुनाव के लिए 71.64 प्रतिशत मतदान हुआ। लोगों घरों से वोट डालने के लिए पूरे उत्साह के साथ निकले, लेकिन जिसका डर था आखिर वही हुआ। दाखा विधानसभा सीट पर सारा दिन तो शांति रही, लेकिन आखिरी दस मिनट में हिंसा हो गई। दाखा के गांव जांगपुर में बूथ कैप्चरिंग को लेकर अकाली-कांग्रेसी आमने-सामने हो गए।
पहले तो दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ मारपीट करते रहे, लेकिन धीरे धीरे मारपीट हिंसक रुप धारण कर गई। दोनों तरफ से हथियारों और लाठियों से हमला किया गया और बाद में पत्थर भी बरसाए गए। इसी दौरान किसी ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। एक गोली गांव जांगपुर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की जांघ पर जाकर लगी। जिससे वह घायल हो गया। उसे डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी और बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स गांव जांगपुर पहुंच गई। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया। अकालियों ने फायरिंग का आरोप लुधियाना के कांग्रेसी नेता दलजीत सिंह गरेवाल भोला के साथियों पर लगाया है। जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दाखा से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू और अकाली दल की ओर से दो बार चुनाव लड़ चुके एवं सुखबीर सिंह बादल के खास मनप्रीत अयाली मैदान में हैं। गांव जांगपुर के लोगों ने बताया कि सोमवार सुबह से ही कांग्रेसी नेता दलजीत सिंह गरेवाल भोला साथियों के साथ इलाके में घूम रहे थे।
सारा दिन मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आखिरी दस मिनट में दलजीत सिंह गरेवाल साथियों के साथ बूथ नंबरक 86 व 87 के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में पहुंचे और जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन अकाली वर्करों ने उसे रोक दिया। दोनों के बीच में हाथापाई शुरू हो गई और हथियारों के साथ साथ एक दूसरे पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
वहां मौजूद लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। गांव के गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि भोला और उसके साथी फरार हो रहे थे तो उनमें से किसी ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। एक गोली गोपी को जा लगी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। जाते हुए वहां पर आरोपी पत्थरबाजी कर गाड़ियों के शीशे भी तोड़ गए। गांव के लोगों ने गोपी को डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया।
बौखलाहट में आरोप लगा रहे हैं अकाली: दलजीत गरेवाल
आप को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए दलजीत सिंह गरेवाल भोला ने उन पर और उनके साथियों पर गोली चलाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल वाले अपनी हार को देख कर पूरी तरह से बौखला चुके है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद वह दाखा हलके में नहीं गए। उन्हें तो खुद फोन के जरिए ही पता चला है कि गांव जांगपुर में गोली चली है। इस मामले में उनका कुछ लेना देना नहीं है।
कांग्रेस ने एक महीने तक की है गुंडागर्दी: मनप्रीत अयाली
अकाली प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि कांग्रेसी गुंडों को साथ लेकर हलके में घूमते रहे। उन्होंने पूरे एक महीने तक हलके में गुंडागर्दी की है। सोमवार को मतदान के दौरान भी कांग्रेसियों ने कई बार बूथ कैप्चर करने की कोशिश भी की लेकिन अकाली वर्करों की मुस्तैदी के चलते उनकी यह कोशिश सफल न हो पाई।
देर शाम गांव जांगपुर में अपने साथियों के साथ पोलिंग स्टेशन पर पहुंचे दलजीत गरेवाल भोला का विरोध करने पर अकाली दल के कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस दौरान अकाली वर्कर गुरप्रीत सिंह गोपी को भी गोली लगी। कांग्रेसियों की ओर से उपचुनाव के दौरान धक्केशाही की संभावना के बारे में उन्होंने पहले ही चुनाव आयोग को सूचित कर दिया था।
जांच की जा रही है: डीएसपी बैंस
डीएसपी दाखा गुरबंस सिंह बैंस ने कहा कि चुनाव से पहले करीब 95 प्रतिशत हथियार जमा हो चुके थे। मगर यह हथियार कहां से आए और गोलियां चलाने वाले कौन लोग है। इस बारे में अभी कुछ पता नहीं है। गांव के लोगों ने कुछ लोगों का नाम बताया है। जिस बारे में जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों का पता लगा उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
