Haryana Chunav Result: अंतिम नतीजे आने में हो सकती है देरी, जानें इसके पीछे क्या है वजह

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के अंतिम नतीजे देर शाम तक आएंगे। बैलेट पेपर की गिनती के बाद ही अंतिम राउंड का परिणाम घोषित होगा। जिससे कम अंतर से हार-जीत वाली सीटों पर परिणाम बदल भी सकते हैं। चुने गए विधायकों को देर शाम ही प्रमाण पत्र मिल पाएंगे। चूंकि, बैलेट पेपर की गणना में दो से चार घंटे के बीच समय लगेगा।
बेहतर इंटरनेट सुविधा होने पर गिनती दो घंटे तक हो जाएगी, अगर इंटरनेट की स्पीड ठीक नहीं हुई तो तीन से चार घंटे लगेंगे। इसके बाद अंतिम राउंड के वोट की गिनती कर परिणाम घोषित किया जाएगा। भारतीय चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर हाई स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि ईटीबीपीएस बैलेट पेपर की गणना में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

भारतीय निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त डॉ. संदीप सक्सेना ने बुधवार को इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि हर मतगणना केंद्र पर अतिरिक्त मतगणना टेबल, कंप्यूटर आदि अन्य सामान भी पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए, उसकी रिपोर्ट भी आयोग को भेजी जाए।
मतगणना का डाटा फीड करते समय कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए, प्रत्येक राउंड की गणना होने के बाद सही डाटा फीड करें। डाटा फीड करने से पहले भली-भांति जांच लें व मतगणना ऑर्ब्जवर से भी चेक करवाएं। उन्होंने कहा कि आयोग मतगणना कार्य की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहा है। इसलिए अधिकारी एवं कर्मचारी सभी औपचारिकताएं एवं आवश्यक कार्रवाई ऑनलाइन के साथ-साथ मैन्युअली भी पूरी करें।

रिटर्निंग अधिकारी ईटीपीबीएस बैलेट पेपर की गणना भी साथ ही सुनिश्चित करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि इवीएम के अंतिम राउंड की गणना का परिणाम ईटीपीबीएस की गणना से पहले घोषित न हो। ईटीपीबीएस के स्वीकृति एवं अस्वीकृति के बारे में उन्होंने विस्तार से समझाया। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि स्ट्रांग रूम की इस तरह से व्यवस्था करें कि कोई भी व्यक्ति स्ट्रांग रूम के आसपास नहीं पहुंच पाए।

रिटर्निंग अधिकारी के हाथ में पांच से अधिक ईवीएम-वीवीपैट का मिलान
हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान पांच मतदान केंद्रों से अधिक की ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के मतों की गणना का अंतिम फैसला रिटर्निंग अधिकारी लेंगे। पांच मतदान केंद्रों की ईवीएम और वीवीपैट के मिलान की व्यवस्था तो भारतीय चुनाव आयोग ने की हुई है, लेकिन अगर उम्मीदवार या उनके काउंटिंग एजेंट मांग करें तो निर्णय लेने का अधिकार रिटर्निंग अधिकारी को होगा। जिन पांच मतदान केंद्रों को हर विधानसभा हलके में चुना जाएगा। उनके लिए ड्रा निकलेगा।
इनके अलावा अन्य ईवीएम-वीवीपैट के मतों का मिलान करवाना है तो उम्मीदवार या उनके एजेंट को रिटर्निंग अधिकारी को लिखित प्रार्थना करनी होगी। एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि ऐसा प्रावधान चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम संख्या 56 डी में है, जिसे तत्कालीन केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 2013 को नियम 1961 में डाला था।

उम्मीदवार या काउंटिंग एजेंट की प्रार्थना को मानने के लिए रिटर्निंग अधिकारी बाध्य नहीं हैं। वे प्रार्थना को नकार भी सकते हैं। हालांकि, रिटर्निंग अधिकारी को कोई भी निर्णय लिखित रूप से कारणों सहित लेना होगा। कानूनन यह प्रावधान है कि अगर ईवीएम और वीवीपैट में मिलान करने समय दोनों में दर्ज वोटो या पर्चियों में विसंगति आती है तो ऐसी परिस्थिति में ईवीएम की नहीं, बल्कि वीवीपैट की संख्या मान्य होगी और उसे रिकॉर्ड पर भी लिया जाएगा।
मतगणना केंद्रों में जैमर लगाए जाने की मांग
गुरुवार का को आने वाले हरियाणा विधानसभा के परिणाम से पहले जननायक जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। जजपा ने खत लिखकर मतगणना के दौरान ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सभी स्ट्रांग रूम व मतगणना क्षेत्रों में तुरंत नेटवर्क जैमर लगाने की मांग आयोग से की है, ताकि इंटरनेट के जरिए किसी प्रकार से ईवीएम टेंपरिंग न हो सके।

जजपा प्रदेश कार्यालय सचिव रणधीर सिंह ने चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए बताया कि 21 अक्टूबर को प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम 24 अक्टूबर को आने वाले है, जिसके मद्देनजर मतगणना का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, इसके लिए जजपा ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है।

उन्होंने बताया कि जेजेपी ने मांग की है कि मतगणना के दौरान प्रदेश के सभी स्ट्रांग रूम व मतगणना क्षेत्रों के आस-आस प्रशासन नेटवर्क जैमर लगाए ताकि किसी प्रकार से इंटरनेट के जरिए ईवीएम से छेड़छाड़ न हो सके। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आयोग से परिणामों की अंतिम घोषणा तक स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों में तुरंत इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।  

 

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