सरकार से वार्ता विफल, दूसरे दिन भी 104, 108 एंबुलेंस हड़ताल जारी

जयपुर. राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) के साथ पहली वार्ता विफल रहने के बाद प्रदेश में एंबुलेंस-108 (108 Ambulance) और एंबुलेंस-104 सेवाएं दूसरे दिन शुक्रवार को भी ठप हैं. राजस्थान कर्मचारी संघ के आह्वान पर एंबुलेंस कर्मचारी गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले गए थे और इसी के साथ प्रदेश भर में जीवन वाहिनी सेवा एंबुलेंस 108 के पहिए थम गए. सरकार की नई निविदा के विरोध के साथ कर्मचारियों ने 7 मांगें रखी है. कर्मचारियों के अनुसार जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी. बता दें कि इससे प्रदेश भर की 1400 एंबुलेंस रुकी हुई हैं.

प्रदेशभर में मरीज होते रहे परेशान

प्रदेशभर में करीब 1400 एंबुलेंस जीवन वाहिनी के रूप में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम करती हैं. गुरुवार को हड़ताल के चलते एक्सिडेंट और गंभीर बिमार मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी. फोन करने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची. अकेले जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में ढाई साै के करीब मरीज पहुंचे लेकिन एंबुलेंस सेवाओं के बंद होने से कोई बाइक पर तो कोई टैक्सी से अस्पताल पहुंचा.

 

हड़ताल पर इसलिए गए एंबुलेंस कर्मचारी

सरकार की ओर निकाली गई नई निविदा को लेकर कर्मचारियों में रोष है. कर्मचारियों के अनुसार यह उनके हित में नहीं है. इसके विरोध में उन्होंने अनिश्चितकालिन हड़ताल (Indefinite Strike) का रुख किया है. जीवन वाहिनी कहलाने वाली एंबुलेंस के कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर आम जनता पर पड़ना तय है.

इन मांगों पर थमे एंबुलेंस के पहिए

♦ 108 और 104 एंबुलेंस सेवा के लिए सरकार अलग से रिसीवर नियुक्त करे

♦ नई निविदा में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को ही सेवा में रखा जाए

♦ एंबुलेंस ईएमटी (नर्सिंगकर्मी) का वेतन 16 हजार और पायलट (ड्राइवर) का वेतन 14,000 रुपए किया जाए

♦ कर्मचारियों का वेतन हर साल 10 प्रतिशत बढ़ाया जाए

♦ जहां एंबुलेंस रखी जाती हैं वहां कर्मचारियों को मूलभूत सविधा दी जाएं

♦ श्रम कानून के तहत कर्मचारियों का कार्य समय 8 घंटे किया जाए

 

ambulance-108-and-104-employees on-strike-continues second day in-rajasthan प्रदेश में एंबुलेंस-108 (108 Ambulance) और एंबुलेंस-104 सेवाएं दूसरे दिन शुक्रवार को भी ठप हैं. राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) के साथ पहली वार्ता विफल रहने के बाद प्रदेश भर में जीवन वाहिनी सेवा एंबुलेंस 108 के पहिए थमे हुए हैं.

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