बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए विधायकों को सत्ता में भागीदारी का आश्वासन!

जयपुर. बसपा (BSP) छोड़कर कांग्रेस (Congress) में आए विधायकों (MLAs) को सत्ता में भागीदारी (participation in power) का आश्वासन (Assurance) दिया गया है. निकाय और पंचायत चुनाव (Local body and Panchayat Elections) के टिकट देने में भी इनकी राय को महत्व (Importance) दिया जाएगा. बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए 5 विधायकों के साथ रविवार को सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot), डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Deputy CM Sachin Pilot), प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे (State Incharge Avinash Pandey) और सह प्रभारी विवेक बंसल (Vivek Bansal) ने मंत्रणा की. उन्होंने विधायकों को निकाय चुनाव में लगने के निर्देश दिए हैं.
विधायक बोले कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करेंगे
राजधानी जयपुर के होटल रेडिशन में रविवार को हुई बैठक के बाद इन विधायकों ने कांग्रेस में पूरी आस्था जताते हुए कहा कि वे कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करेंगे. विधायक राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि हम ही अब कांग्रेस हैं. सीएम अशोक गहलोत पर उन्हें पूरा भरोसा है. सोनिया गांधी की मंजूरी के बाद अब क्या रह जाता है. जोगेंद्र अवाना ने कहा कि हम कांग्रेसी हैं. पार्टी के लिए काम करेंगे. दीपचंद खैरिया ने खुद को पुराना कांग्रेसी बताया. वहीं विधायक लाखन मीणा और वाजिब अली ने कहा कि कांग्रेस में हमारा पूरा मान सम्मान है. कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करेंगे.
प्रदेश प्रभारी ने कहा मान सम्मान का हर जगह ध्यान रखा जाएगा
बैठक के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने भी कहा कि सोनिया गांधी की अनुमति के बाद ही बसपा विधायकों को पार्टी में शामिल किया गया था. सभी 6 विधायक अब कांग्रेस विधायक दल के सदस्य हैं. इन विधायकों ने बिना शर्त कांग्रेस ज्वॉइन की थी. इनके मान सम्मान का हर जगह ध्यान रखा जाएगा. निकाय चुनाव में सभी विधायक पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे.
बसपा सुप्रीमो मायावती हो गई थी खफा, लगाए थे आरोप
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बसपा के सभी छह विधायक अपनी पार्टी से नाता तोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इससे प्रदेश की राजनीति जबर्दस्त तरीके से गरमा गई थी. विधायकों के इस कदम से बसपा सुप्रीमो मायावती काफी खफा हुई थीं और उन्होंने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे. उसके बाद बसपा में भी काफी अंतर्विरोध चला था.
