शिक्षाकर्मियों ने तेज की संविलियन की मांग, सोशल मीडिया में चला रहे ये कैंपेन

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में एक बार फिर शिक्षाकर्मी (Shiksha Karmi ) सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं. संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर मुखर हो रहे हैं. अपनी इस मुहीम को सफल बनाने के लिए शिक्षाकर्मी अब सोशल मीडिया (Social Media) का भी सहारा ले रहे हैं. सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में अपने अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और ट्रेंड कराने की कोशिश लगातार की जा रही है. शिक्षाकर्मियों की संविलियन की मांग को लेकर शिक्षक एक बार फिर से मुखर हो रहे हैं.

शिक्षाकर्मियों की मांग

बता दें कि प्रदेश में लगभग 25 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं हो पाया है. कांग्रेस ने सरकार बनाने से इनसे वादा किया था कि 2 साल की सेवा अवधि पूरा कर चुके सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा, लेकिन ये मांग पूरी नहीं हुई है. वहीं केवल 8 साल सेवा अवधि वालों का ही संविलियन हो पाया है. इतना ही नहीं सरकार द्वारा 14500 नए शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, जिससे इन शिक्षाकर्मियों को इस बात की भी चिंता है कि उनका संविलियन नहीं होने से बाद में भर्ती होने वाले उनसे सीनियर हो जाएंगे. जबकि 6-7 सालों से काम कर रहे शिक्षाकर्मी जूनियर कहलाएंगे. यही वजह है कि शिक्षाकर्मी जल्द से जल्द संविलियन किए जाने की मांग को लेकर फेसबुक, ट्विटर पर अभियान चला रहे हैं और संविलियन करो सरकार को ट्रेंड करा रहे है.

शिक्षाकर्मी और सरकार का तर्क

शिक्षाकर्मियों का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 2 साल पूरा करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर दिया जाएगा, लेकिन सरकार अब नई नियुक्ति कर रही है. इस वजह से सालों से काम कर रहे शिक्षाकर्मियों जूनियर की रैंक में आ जाएंगे. तो वहीं  संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे का आरोप है कि प्रदेश के 25 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं हुआ है. साथ ही उनको वेतन और न ही महंगाई भत्ता दिया जाता है. तो वहीं शिक्षाकर्मियों के संविलियन के मुद्दे पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि शिक्षाकर्मियों की मांग जायज हैं. उनके द्वारा किए गए वादों को जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी.
 

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