आज का गुडलक- तीन जन्मों के पापों का नाश करेगा बिल्वपत्र
शुक्रवार दिनांक 04.08.17 को श्रावण शुक्ल त्रियोदशी है अर्थात श्रावण प्रदोष। प्रदोष हर माह के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है, इसलिए इसे वार के अनुसार पूजन करने का विधान शास्त्र सम्मत माना गया है। प्रत्येक वार के प्रदोष व्रत की पूजन विधि अलग-अलग मानी गई है। सावन माह में प्रदोष की महत्वता दस गुना बढ़ जाती है। पुराणों के अनुसार श्रावण मास में प्रदोष शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पापों का नाश होता है। श्रावण के शुक्रवार प्रदोष व्रत से सौभाग्य की वृद्धि होती है। प्रदोष में शिव के साथ पार्वती का संयुक्त पूजन किया जाता है। प्रदोष व्रत को करने से हर प्रकार का दोष मिट जाता है।
विशिष्ट पूजन: संध्याकाल में शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। शुद्ध घी का दीप करें, चंदन धूप करें, चंदन से त्रिपुंड बानए, बिल्वपत्र चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं व रुद्राक्ष माला से 108 बार यह विशिष्ट मंत्र जपें। बाद में यह खीर किसी सुहागन को दे दें।
विशिष्ट शिव मंत्र: ॐ पार्वतीप्रियाय नमः॥
विशेष पूजन मुहूर्त: शाम 18:52 से शाम 19:42 तक।
अभिजीत मुहूर्त: दिन 12:00 से दिन 12:53 तक।
अमृत काल: दिन 13:53 से शाम 15:41 तक।
यात्रा महूर्त: दिशाशूल – पश्चिम। नक्षत्र शूल – नहीं। राहुकाल वास – आग्नेय। अतः आग्नेय व पश्चिम दिशा की यात्रा टालें।
आज का गुडलक ज्ञान
गुडलक कलर: गुलाबी।
गुडलक दिशा: उत्तर।
गुडलक टाइम: शाम 18:52 से शाम 19:42 तक।
गुडलक मंत्र: ॐ ब्रह्मांडमंडलाय नमः॥
गुडलक टिप: सौभाग्य प्राप्ति हेतु शिवलिंग पर शतावरी चढ़ाकर तिजोरी में रखें।
गुडलक फॉर बर्थडे: देवी लक्ष्मी पर लक्ष्मी कौड़ी चढ़ाने से नौकरी में सक्सैस मिलेगी।
गुडलक फॉर एनिवर्सरी: दही में शक्कर मिलाकर गाय को खिलाने से दांपत्य में आई कड़वाहट दूर होगी।