खुद पर लगे आरोप को रेमो डिसूजा ने बताया झूठा, कहा- ‘मेरे वकील इसे देख रहे हैं’

नई दिल्ली: साल 2016 में गाजियाबाद जिला अदालत द्वारा धोखाधड़ी और जबरन वसूली मामले पर जारी किए गए गैर-जमानती वारंट से राहत पाने के लिए कथित तौर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करने वाले फिल्मकार और नेशनल अवॉर्ड विजेता कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा ने कहा कि उन पर लगा ठगी का यह मामला झूठा है.
रेमो पर लगे ये आरोप
23 सितंबर 2016 में किए गए केस पर फिल्मकार ने आईएएनएस को बताया, "मेरे और मेरे वकील के खिलाफ एक झूठा मामला चल रहा है. हालांकि वह कानूनी प्रक्रिया के अंतगर्त है और मेरे वकील इसे देख रहे हैं, इसलिए मैं इस बारे में ज्यादा नहीं कह सकता, हां बस इतना ही कह सकता हूं कि यह मामला झूठा है." डिसूजा पर आरोप है कि उन्होंने 'अमर मस्ट डाई' नाम की फिल्म बनाने के लिए राजनगर (गाजियाबाद) के रहने वाले सतेंद्र त्यागी से साल 2016 में 5 करोड़ रुपये निवेश करवाए थे.
सतेंद्र त्यागी का दावा
उन्होंने बताया कि इस निवेश के दौरान उनसे ये वादा किया गया था कि 5 करोड़ लगाने पर 10 करोड़ रुपये मिलेंगे. पीड़ित सतेंद्र का कहना है कि तीन साल बीतने को हैं और उन्हें इसके अवज में न तो अपना पैसा वापस मिला और न ही मुनाफा. इसके साथ ही त्यागी ने यह भी दावा किया कि उन्हें किसी माफिया ने फोन कर जान से मारने की धमकी देते हुए 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी.
