अंतागढ़ टेपकांड: SIT के सामने पेश होंगे मंतूराम पवार, दे सकते हैं वॉइस सैंपल

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड (Antagarh Tape case) मामले की जांच कर रही एसआईटी ने वॉइस सैंपल देने के लिए मंतूराम पवार को मंगलवार को बुलाया है. मिली जानकारी के मुताबिक मंतूराम पवार को सुबह तकरीबन 11 बजे एसआईटी (SIT- Special Investigation Team) के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. अंतागढ़ टेपकांड मामले में मंतूराम पवार आरोपी हैं. हालांकि बाद में मंतूराम सरकारी गवाह बन गए थे लेकिन मंतूराम का अब तक वाइस सैंपल नहीं लिया जा सका है. यही वजह है कि एसआईटी ने नोटिस जारी कर मंतूराम पवार (Manturam Pawar) को उपस्थिति होने कहा है. हालांकि मंतूराम पवार अपना वॉइस सैंपल (Voice Sample) देने के लिए राजी हैं लेकिन वे इस मामले के अन्य आरोपी अमित जोगी, पूर्व सीएम अजीत जोगी और डॉ. पुनीत गुप्ता को भी वॉइस सैंपल देने के लिए कह रहे हैं.
मंतूराम ने केस ने लिया था नाम वापस
हालही में टेपकांड के मुख्य गवाह मंतूराम पवार ने केस नहीं लड़ने का फैसला लिया था. इसके बा मंतूराम पवार के वकील ने केस से अपना नाम विड्रॉ कर लिया था. इसके बाद मंजूराम ने एसआईटी को अपना वाइस सैंपल देने की बात कही थी. मंतूराम पवार ने कहा था कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी कहूंगा कि वो अपने दामाद से वॉइस सैंपल दिलाएं. अमित और अजीत जोगी से भी कहूंगा वॉइस सैंपल दें.
क्या है अंतागढ़ मामला:
साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी (Vikram Usendi) ने लोकसभा का चुनाव (LokSabha Election) जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव (By Election) में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा (BJP) को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल (Phone Call) वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी.
