भारत सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पौराणिक विषयों पर शोध एवं संवाद करना

लगभग दो वर्ष पहले , इंडिया थिंक कॉउन्सिल (ITC ) के द्वारा संस्थागत आयाम के अंतर्गत "भारत सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र " (ICSC ) की स्थापना की गयी I
ICSC का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पौराणिक विषयों पर शोध एवं संवाद करना है .
कुम्भ कॉन्क्लेव -प्रयागराज , आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था- गोवा , संगम संवाद श्रृंखला -कुम्भ मेला क्षेत्र , सांस्कृतिक अर्थशास्त्र – दिल्ली, विगत दिनों में आयोजित कार्यक्रम रहे है जो इंडिया थिंक कॉउन्सिल के उस उद्देश्य की दिशा में सफल प्रयास है जिसमें भारत का भाव और ऐतिहासिक वैभव का पुनरावलोकन एवं अध्ययन की भावना निहित है I
इस प्रयास की दिशा में ,त्रेतायुग की पृष्ठभूमि पर श्री राम सीता विवाह के प्रसंग को सन्दर्भ में रखते हुए "अवध मिथिला सम्मलेन " की अवधारणा हुई .
माता जानकी और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन वृतांत को आधुनिक सन्दर्भ में प्रस्तुत करने के यह प्रयास ६ विभिन्न सत्रों में संवाद के रूप में श्रोताओं के मध्य प्रस्तुत होगा
अवध और मिथिला से सम्बन्धित सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक गीतों का संकलन भी कार्यक्रम का अंग है .
इस कार्यक्रम के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय का अत्यधिक सहयोग है और हम कुलपति महोदय के आभारी है .
कार्यक्रम में जिलाधिकारी -अयोध्या , अयोध्या शोध संस्थान ,उत्तर प्रदेश पर्यटन ,नगर पालिका -अयोध्या एवं जनप्रतिनिधि का अतुलनीय सहयोग प्राप्त है
सम्मलेन को निम्न संस्थानों से शैक्षणिक सहयोग प्राप्त है –
ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी – दरभंगा
Dr. Ram Manohar Lohiya Awadh University – Ayodhya
Indian Council For cultural Relations , New Delhi
Indira Gandhi National Centre for the Arts , New Delhi
Ranbhoomi Express ( RE ) ,Lucknow
21 Notes ( Valmiki Ramayan Web Series )
The Ramayan School , Noida
and Aadrika Communications
मैं इंडिया थिंक कॉउन्सिल की ओर से सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ तथा कार्यक्रम में पधारने वाले समस्त आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ
