चीन के लोग गर्भपात किया अपना भ्रूण तक खाने से नहीं हिचकते
दाहोद | चीन में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है और उसे लेकर दुनियाभर में दहशत है| चीन में एबीबीएस के पढ़ाई करने वाले दाहोद के एक छात्र ने चीन के लोगों के खानपान को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है| दाहोद निवासी अर्पित पटेल 2017 से चीन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था| मकर संक्रांति पर दाहोद आने के बाद से अर्पित पटेल चीन नहीं लौटा| कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित चीन के वुहान से 200 किलोमीटर दूर नानचांग शहर के होस्टल में रहकर अर्पित पटेल जीआंकसी यूनिवर्सिटी में पढ़ता है| इस यूनिवर्सिटी में 1200 जितने भारतीय छात्र-छात्राएं पढ़ाई करती हैं और उसमें 800 से 900 जितने गुजराती हैं| जिसमें सभी भारतीय छात्र-छात्राएं स्वदेश लौट आएं हैं|
अर्पित पटेल के मुताबिक चीन के वुहान में दाहोद शहर से भी बड़ा नोनेवेज मार्केट है, जहां कल्पना नहीं की जा सकती ऐसे जीव चीन के लोग खाते हैं| यह कहना गलत नहीं होगा कि इंसान को छोड़ किसी भी जीव को खाने से नहीं हिचकते| अर्पित ने बताया कि जनसंख्या बढ़ने के कारण गर्भपात का चलन बढ़ गया और उस दौरान कई दंपत्ति गर्भपात किया गया अपने भ्रूण को आहार के रूप में उपयोग करते थे| इतना ही नहीं चीन में अंडे भी खाए जाते हैं और वह भी बच्चे के पेशाब में बाफ कर| ये घटनाएं हैं जिसके मुकाबले सांप का आचार, चमगादड़ का सूप या बिच्छू को सब्जी के तौर पर उपयोग करना छोटी बात है| ऐसी वजहों के कारण चीन में बर्ड फ्लू और कोरोना वायरस जैसे संकट से चीन जूझ रहा है|
