प्रदर्शनकारियों को भड़का रहा आतंकी दंपती गिरफ्तार, आत्मघाती हमले की थी योजना
राष्ट्रीय राजधानी के जामिया नगर से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े कश्मीरी मूल का दंपती जल्द ही किसी बड़े हमले को अंजाम देने जा रहा था। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के नाम पर अंजाम दिए जाने वाले इस हमले के लिए वे हथियारों और विस्फोटकों को जुटाने के साथ ही शाहीन बाग व जामिया नगर के युवकों को भी भड़काने की कोशिश कर रहे थे।दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पकड़ा गया जहांजेब सामी और उसकी पत्नी हिना बशीर बेग सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय थे। दोनों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अकाउंट बनाकर भारतीय मुस्लिमों को एकजुट करने और सरकार के खिलाफ सीएए विरोध के नाम पर लड़ाई छेड़ने का प्रयास चालू किया हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि सामी की साइबरस्पेस में संदिग्ध हरकतें मिलने के बाद स्पेशल सेल एक महीने से दोनों पर नजर बनाए हुए थी। साथ ही इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने भी दोनों के बारे में इनपुट दिया था। सूत्रों ने कहा, पूछताछ में सामी ने बताया है कि वे दोनों मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर लोगों को बरगला रहे थे।
आईएसकेपी ने उन्हें युवाओं को अपने संगठन में भर्ती करने का जिम्मा सौंपा था। इसके बाद इनका इरादा बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने का था। जांच में पता चला है कि ये शाहीन बाग और दिल्ली में अन्य जगह चल रहे प्रदर्शनों में जाकर प्रदर्शनकारियों से कहता था कि भारत की सरकार को हटाना जरूरी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि दंपती के कश्मीर से दिल्ली आने की वजह भी तलाशी जा रही है। इनकी कॉल डिटेल की छानबीन कर दिल्ली में पनाह देने वालों की भी तलाश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर छद्म नाम से सक्रिय है हिना
सूत्रों का कहना है कि सामी ने पूछताछ में अपनी पत्नी हिना के भी कई आईएस समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कैतिजाह अल कश्मीरी और हन्ना बी आदि छद्म नामों से सक्रिय होने की बात कही। उसने बताया कि हिना साइबर स्पेस में आईएस आतंकी बनने लायक विचारों वाले युवाओं की पहचान करने और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियों से जुड़ने के लिए उत्साहित करने वाले समन्वयक के तौर पर भी अहम भूमिका निभाती थी।
दंपती का एक सहयोगी पहले ही तिहाड़ जेल में
सामी ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसका एक करीबी सहयोगी खत्ताब पहले ही आईएसआईएस से जुड़े एक मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। वह अब्दुल्ला बासित के नाम से फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और उस पर मुकदमा चल रहा है।
आईएस में हैं कई भारतीय आतंकी
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि काफी समय से दंपती अफगानिस्तान के खोरासन प्रांत में रहने वाले आईएस आतंकियों और आईएस में पहले से सक्रिय कई भारतीयों के संपर्क में थे।
फिर उठे दिल्ली हिंसा के पीछे आईएस का हाथ होने के सवाल
आईएस से जुड़े दंपती की गिरफ्तारी के बाद फिर से दिल्ली हिंसा के पीछे बाहरी आतंकियों का हाथ होने का सवाल खड़ा हो गया है। बता दें कि दिल्ली हिंसा के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या करने के तरीके को विशेषज्ञों ने आईएसआईएस से ही जोड़ा था। अंकित को करीब 400 बार चाकू मारा गया था। विशेषज्ञों का कहना था कि इस तरीके से केवल आईएसआईएस से जुड़े आतंकी ही हत्या करते हैं। हालांकि उस समय यह सवाल दब गया था, लेकिन अब हिंसा की जांच में पुलिस इस एंगल पर भी काम कर सकती है।
