भय्यू महाराज ऐसा काम नहीं कर सकते कि कोई ब्लैकमेल करे
इंदौर निवासी राष्ट्रीय संत भय्यू महाराज की आत्महत्या मामले में कल उनकी बहन ने कहा कि महाराज की छवि साफ सुथरी थी। वे ऐसा कोई काम नहीं करते थे कि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। कल महाराज की बहन का प्रतिपरीक्षण पूरा हो गया। मामले को देख रहे एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर के मुताबिक, सोमवार को भय्यू महाराज की बड़ी बहन मधुमति का प्रतिपरीक्षण खत्म हो गया। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि महाराज के पास से मिले सुसाइड नोट में महाराज ने आरोपित विनायक को देखरेख की पूरी जिम्मेदारी दी थी। इसके अलावा गवाह ने यह भी कहा कि महाराज साफ सुधरी छवि वाले इंसान थे। वे ऐसा कोई काम नहीं करते थे जिससे उन्हें कोई ब्लैकमेल कर सके। एडवोकेट गुर्जर ने बताया कि अब कोर्ट 30 मार्च को महाराज की पत्नी आयुषी और छोटी बहन अनुराधा के बयान दर्ज करेगी। इसके पहले आरोप लगे थे कि भय्यू महाराज के करीबी सेवादार विनायक और शरद ने पूरी साजिश रची थी। वो लड़की के साथ मिलकर महाराज को ब्लैकमेल कर रहे थे।
पुलिस ने मोबाइल चैट के आधार पर जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर इस साजिश का खुलासा किया। भय्यू महाराज की दूसरी शादी में भी विनायक युवती को लेकर पहुंचा था, जिसके सबूत वीडियो में मिले थे। मालूम हो कि 12 जून 2018 को भय्यू महाराज ने कनपट्टी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उनकी मृत्यु के करीब 6 माह बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भय्यू महाराज के सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख और पलक पुराणिक को आरोपित बनाया है। आरोपितों के खिलाफ चालान पेश हो चुका है। गवाहों के बयान शुरू हो गए हैं। आरोपितों की तरफ से सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर, धर्मेंद्र गुर्जर और आशीष चौरे पैरवी कर रहे हैं।
