COVID-19 से निपटने के लिए सरकार ने लिया आयुर्वेद का सहारा, आयुष विभाग घर-घर जाकर बांट रहा है औषधियां

मंदसौर. कोविड-19 (Kovid-19) जैसी महामारी से निपटने के लिए सरकार अब आयुर्वेद का भी सहारा ले रही है. मंदसौर (Mandsaur) में आयुष विभाग (Ayush Department) ने कर्मचारियों को घर-घर जाकर आयुर्वेदिक औषधि देने के निर्देश दिए हैं. आयुर्वेद के कर्मचारी औरआयुर्वेदाचार्य घर-घर जाकर न सिर्फ औषधि दे रहे हैं बल्कि उसके सेवन की विधि भी बता रहे हैं. इसी काम में अब कुछ निजी आयुर्वेदाचार्य भी आगे आ गए है. कहीं काढ़ा बनाकर पिलाया जा रहा है तो कहीं सेवा में लगे कर्मचारियों को निशुल्क दवाईयां दी जा रही हैं.

दरअसल, मंदसौर का जिला आयुर्वेदिक औषधालय और आयुष विभाग ने अब कोविड-19 से निपटने के लिए आकमर कस ली है. आयुष विभाग लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संशमनी वटी और त्रिकटु चूर्ण घर- घर जाकर वितरण कर रहा है. यही नहीं सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को बताया जा रहा है कि किस तरह आयुर्वेद की यह दिव्य औषधियां लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है. इस काम में न सिर्फ शासकीय आयुर्वेदिक विभाग बल्कि मंदसौर के डॉक्टर आबिद अंसारी और डॉ अर्पित राणावत भी लग गए हैं. आबिद अंसारी हर रोज ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के लिए घर में अपनी पत्नी के सहयोग से काढ़ा बना रहे हैं और पिला भी रहे हैं.

त्रिकटु चूर्ण पूरी तरह से आयुर्वेदिक पद्धति से बनाया गया है

आयुर्वेदाचार्य डॉ अर्पित राणावत ने बताया कि त्रिकटु चूर्ण पूरी तरह से आयुर्वेदिक पद्धति से बनाया गया है. इसमें सोंठ, काली मिर्च और पिपली का मिश्रण होता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी सहायक है. वहीं, कोरोना वायरस का इलाज कर रहे डॉक्टरों का भी कहना है कि जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उस व्यक्ति पर कोरोना वायरस ज्यादा हावी होता है और उसे संक्रमित कर देता है. जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है उन पर कोरोना वायरस अटैक करने का खतरा कम रहता है. वैसे भी आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है और अब सरकार भी इस और ध्यान देकर कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रही है.
 

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