रेलवे के वाहन स्टेंडों में फंसे हजारों वाहन, पार्किंग ठेकेदार कर रहा अवैध वसूली
जबलपुर । मदनमहल रेलवे स्टेशन व मुख्य रेलवे स्टेशन पर लॉकडाउन के दौरान कैसे फंसे वाहनों को निकालने आये वाहन मालिकों से स्टेंड संचालक मनमानी राशि वसूल कर रहे हैं। जिसके कारण वाहन स्टेंडों पर आये दिन विवाद की स्थिति बन रही है। गत २२ मार्च को लॉकडाउन लगने के कारण जो जहां था, वह वहीं फंसा रह गया। इस दौरान अपडाउनर्स व निजी काम से बाहर गए लोगों के वाहन रेलवे स्टेशनों की पार्किंग पर खड़े रह गए। जब लोग २१ दिनों बाद अपने वाहन निकालने स्टेंडों पर पहुंचे तो ठेकेदार उनसे २-३ हजार रुपये मांगने लगा। मदन महल रेलवे स्टेशन व मुख्य रेलवे स्टेशन पर कई दिनों से खड़े वाहन निकालने जा रहे लोगों से पार्किंग ठेकेदार का विवाद होता है। इस दौरान ठेकेदार उन्हें धमकान के साथ अवैध वसूली भी कर रहा है। जब लोग ठेकेदार की मनमानी का विरोध करते हैं। तो वह गालीगलौज पर उतारू हो जाता है। लोग लॉकडाउन में फंसे होने की मजबूरी बताते हैं लेकिन ठेकेदार उनकी नहीं सुनता। हैरानी की बात तो वह है कि पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी की शिकायत जब लोग रेल प्रशासन व पुलिस से करते हैं तो उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इन ठेकेदारों की अवैध वसूली से दोपहिया वाहन चालक तो परेशान है वहीं चौपहिया वाहन चालक भी परेशान हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि रेल प्रशासन ने वाहन स्टेंड संचालकों के लिए वकायदा वाहन के हिसाब से पार्किंग शुल्क तय कर रखे हैं। इसके बावजूद वाहन स्टेंड संचालक पर्किंग रेट का बोर्ड नहीं लगाते। जिसके कारण वाहन स्टेंडों में आये दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती है।
