51 दिन बाद भोपाल स्टेशन पर आई ट्रेन, 120 यात्री घर लौटे तो 264 हुए रवाना

भोपाल. लॉकडाउन (lockdown) के 51 दिन बाद मंगलवार से ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ. नई दिल्ली से शुरू की गयीं 15 ट्रेनें यात्रियों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्‍सों के लिए चल निकलीं. इन्हीं में से एक नयी दिल्ली-बिलासपुर ट्रेन आधी रात को भोपाल पहुंची. इसमें भोपाल के भी 120 यात्री थे. करीब दो महीने बाद भोपाल स्टेशन पर यात्रियों की हलचल और ट्रेन का हॉर्न सुनाई दिया.
कोरोना संकट के कारण करीब पौने दो महीने से बंद ट्रेनों की आवाजाही 12 मई से फिर शुरू हो गई है. 51 दिन के लॉकडाउन के बाद नई दिल्ली से बिलासपुर के लिए जाने वाली ट्रेन देर रात भोपाल पहुंची. 51 दिन के बाद कोई ट्रेन यात्रियों को लेकर भोपाल आई. इस ट्रेन में 120 पैसेंजर नई दिल्ली से भोपाल आए. ज्यादातर लोग भोपाल के रहने वाले हैं, जो लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंस गए थे. कोरोना के खौफ के बीच इतने दिन बाद घर लौटने की खुशी इनके चेहरे पर देखी जा सकती थी.

264 यात्री रवाना
इस ट्रेन से दिल्ली से 120 यात्री भोपाल आए और भोपाल से 264 पैसेंजर छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हुए. इनमें से एक पैसेंजर का कहना था कि वो भोपाल अपने रिश्तेदार के पास आए थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण यहीं फंसे रह गए थे. इस बीच उन्होंने कई बार छत्तीसगढ़ लौटने की कोशिश की, लेकिन वापसी नहीं हो पाई. वह खुशनसीब हैं कि दिल्ली से बिलासपुर के लिए चली पहली ट्रेन में ही उन्हें रिजर्वेशन मिल गया और उनकी घर वापसी हो रही है.

स्टेशन और ट्रेन में एहतियात
भोपाल स्टेशन पर रेलवे के सभी नियमों का पालन किया गया. यात्रियों से सोशल डिस्टेंस मेंटेंन कराया गया. स्टेशन के अंदर दाखिल होने से पहले सभी पैसेंजर्स का मेडिकल चेकअप हुआ. यात्रियों को मुंह पर मास्क लगाना ज़रूरी था. कुछ पैसेंजर पीपीई किट में ट्रेन का सफर करते हुए नजर आए.

रेड जोन में है भोपाल
भोपाल स्टेशन पर पैसेंजर्स को थोड़ी दिक्कत भी हुई. भोपाल रेड जोन में है और इसके कई इलाके कंटेनमेंट एरिया होने के कारण सील हैं. इसलिए स्टेशन तक पहुंचना भी कठिन था. ट्रेन के समय से डेढ़ घंटे पहुंचना ज़रूरी था. एरिया सील होने के कारण प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्री सीधे नहीं पहुंच पाए. उन्हें प्लेटफार्म नंबर 5 -6 पर जाना पड़ा और वहां से प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचे. हालांकि, स्टेशन पर कुली मौजूद थे, इसलिए सामान उठाने में दिक्कत नहीं हुई.
 

Leave a Reply