परिवार पर टूटा गमों का पहाड़: एक साथ अस्पताल में भर्ती हुए पति-पत्नी और बेटा; पति और बेटे की मौत, रिपोर्ट निगेटिव

इंदौर. इंदौर (Indore) के अन्नपूर्णा रोड की सिल्वर पैलेस कॉलोनी में एक मनवानी परिवार (Manwani Family) रहता है. 15 दिन से घर के सबसे बड़े सदस्य रमेशलाल मनवानी, पत्नी अनिता और बेटे विनोद सर्दी, खांसी और बुखार से परेशान थे. परेशानी जब बर्दाश्त से बाहर हो गई तो तीनों सुयश अस्पताल में भर्ती हो गए. लक्षणों के कारण अस्पताल ने सबसे पहले तीनों मरीजों की कोविड-19 (COVID-19) की जांच कराई गई. तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई.

पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा

कोविड-19 की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी रविवार रात को बेटा विनोद चल बसा. गहरे सदमे में परिवार के लोग किसी तरह से बेटे का अंतिम संस्कार करके आए. अभी बेटे के गुजरने का गम कम नहीं हुआ था कि सोमवार को पिता भी गुजर गए. इससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिवार के साथ पूरी सिल्वर पैलेस कॉलोनी सदमे में डूब गई. वहीं अनिता स्वस्थ होकर घर तो आ गईं, लेकिन बेसुध हैं.

समय के साथ बिगड़ती गई स्थिति
किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा है कि कुछ दिन पहले हंसते, मुस्कराते परिवार को क्या हो गया? किसकी नजर लग गई? जब परिवार के तीनों सदस्य अस्पताल गए थे तो आपस में बातें कर रहे थे. सभी एक-दूसरे का हौंसला बढ़ा रहे थे कि, ‘पहले तुम ठीक हो जाओगे, पहले आप ठीक हो जाएंगे, लेकिन बल्ड प्रेशर और शुगर के मरीज पिता-बेटे की स्थिति समय के साथ बिगड़ती गई.

निमोनिया के लक्षणों के आधार पर किया जा रहा था इलाज

निमोनिया के लक्षणों के आधार पर दोनों का इलाज किया जा रहा था. परिवार के कुछ लोग बेटे विनोद का अंतिम संस्कार करके आए. इसके बाद परिवार विनोद की अस्थियां इकट्ठी करने की तैयारी कर रहा था कि रमेशलाल की मृत्यु की खबर ने सबके होश उड़ा दिए. विनोद की चिता अभी शांत भी नहीं हुई थी कि उसके बगल में परिवार को विनोद के पिता का दाह संस्कार करने जाना पड़ा. अनिता स्वस्थ तो हो गई, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. वे बार-बार बेसुध हो जाती हैं. अचानक से उनका पति और बेटा चला गया. यह गम वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं.

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