गुजरात दंगे का आरोपी नहीं जा पाएगा घर, बेटे की शादी में होना था शामिल
इंदौर.इंदौर में समाज सेवा कर रहा गुजरात दंगे का आरोपी अपने बेटे की शादी में शामिल नहीं हो पाएगा. इंदौर ज़िला अदालत (Indore district court) ने उसकी अर्ज़ी खारिज कर दी है.कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश का हवाला दिया है जिसमें इसी शर्त पर उसे ज़मानत दी गयी थी कि वो गुजरात नहीं जाएगा.
गुजरात दंगे के आरोप में गुजरात जेल में बंद पांच आरोपियों को इंदौर भेजा गया था. इन्हे सशर्त जमानत का लाभ दिया गया था. शर्त में उल्लेख था कि यह सभी गुजरात की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. जमानत देते वक़्त कुछ लोगो को इंदौर तो कुछ को जबलपुर भेजा गया था. इन्हें धार्मिक स्थानों पर सेवा कार्य में लगाने के आदेश दिया गया था.
धार्मिक स्थान पर सेवा
गुजरात दंगे के आरोप के साथ इंदौर में धार्मिक स्थलों पर सेवा कर रहे एक आरोपी ने जिला न्यायालय में एक अर्जी दाखिल की थी. उसने अपने बेटे की शादी समारोह में शामिल होने के लिए 14 से 28 जून तक घर जाने की अनुमति चाही थी. उसके बेटे की 25 जून को शादी है.न्यायालय के सामने अपने बेटे की शादी का कार्ड भी पेश किया था जो गुजराती भाषा में छपा है.
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
आवेदन पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवलोकन किया. उसमें साफ़ उल्लेख है कि गुजरात दंगे के ये आरोपी गुजरात राज्य की सीमा में प्रवेश नही कर सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए न्यायालय ने आवेदन निरस्त कर दिया.बहरहाल न्यायालय से आये आदेश के बाद तय हो जाता है कि सुरेश पटेल फिलहाल इंदौर से बाहर नही जा सकता.
