डिफाल्टरों ने दबा कर रखे हैं सरकारी बैंकों के 1,47,350 करोड़ रुपए
नई दिल्ली। ऑल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण की 51वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले ऐतिहासिक पहल करते हुए बैंकों के डिफाल्टरों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इसमें 200 करोड़ से ऊपर के 147 एकाउंट हैं, और इसमें उनके ऊपर कुल बकाए की राशि 67,609 करोड़ रुपये है। एआईबीईए की इस सूची में गीतांजली जेम्स लिमिटेड पर पंजाब नेशनल बैंक का 4644 करोड़ रुपये, एबीजी शिपयार्ड पर एसबीआई का 1875 करोड़ रुपये, रि एग्रो लिमिटेड पर यूको बैंक का 1745 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है, इसमें 845 करोड़ रुपये राइट ऑफ कर दिया गया है। इसके अलावा एसोसिएशन ने एक और सूची जारी की है इसमें अलग-अलग बैंकों की बकाया राशि दिखायी गयी है। इसमें इन डिफाल्टरों पर सबसे ज्यादा बकाया स्टेट बैंक का है। यह कुल 43887 करोड़ रुपये है। दूसरा नंबर पंजाब नेशनल बैंक का आता है, जिसका 22370 करोड़ रुपये बकाया है। तीसरे पर बैंक ऑफ बड़ौदा है, जिसका 14661 करोड़ रुपये डिफाल्टरों को देने हैं।
इसी के साथ बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया समेत दूसरे सरकारी बैंकों की राशि भी दी गयी है। इस तरह से इन सरकारी बैंकों का कुल 147350 करोड़ रुपये इन डिफाल्टरों ने दबा कर रखे हैं। इसके साथ ही इन राशियों के डिफाल्टरों की संख्या भी इस सूची में दी गयी है। स्टेट बैंक के कुल 685 डिफाल्टर हैं। जबकि पीएनबी के 325 और बैंक ऑफ बड़ौदा के डिफाल्टरों की संख्या 355 है। इसके साथ ही एसोसिएशन ने अलग से टॉप 33 एकाउंटों का विवरण दिया है। जिन पर 32737 करोड़ रुपये बैंकों के बकाया हैं। यह सूची आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम की ओर से जारी की गयी है।
