गरीबी में छूटी पढ़ाई तो बुढ़ापे में चले आए कॉलेज, 96 की उम्र में डिग्री लेकर खिल उठा बुजुर्ग का चेहरा
96 years old Giuseppe Paterno completed graduation: पढ़ाई के लिए भी लोगों के उम्र सीमा तय की हुई है। लोगों का मानना है कि युवा उम्र तक ही आप स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन दुनिया में रूढ़िवादी सोच और मान्यताओँ को गलत साबित करने वाले विरले हमेशा जन्म लेते रहे हैं। ऐसे ही एक बुजुर्ग ने आराम फरमाने की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने 96 साल की उम्र में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर इतिहास रच दिया।
आइए जानते हैं पढ़ाई का जुनून रखने वाले इस शख्स के बारे में-
ग्युसेप पैटर्नो ने अपनी जिंदगी में काफी मुश्किलें देखीं। बचपन में गरीबी देखी, युद्ध देखा और हाल ही में कोरोना वायरस महामारी। लेकिन बड़ी बात ये है कि 96 साल की उम्र में वे इटली के सबसे उम्रदराज ग्रेजुएट बन गए हैं। उनके जुनून और जज्बे की चर्चा आज पूरी दुनिया कर रही है।
ग्युसेप पैटर्नो ने अपनी जिंदगी में काफी मुश्किलें देखीं। बचपन में गरीबी देखी, युद्ध देखा और हाल ही में कोरोना वायरस महामारी। लेकिन बड़ी बात ये है कि 96 साल की उम्र में वे इटली के सबसे उम्रदराज ग्रेजुएट बन गए हैं। उनके जुनून और जज्बे की चर्चा आज पूरी दुनिया कर रही है।
औरग्यूसेप पैटर्नो ने इतिहास दर्शन शास्त्र में ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने इटली के पालेर्मो शहर के यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो से ग्रेजुएशन किया। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दूसरों की तरह ही मैं भी नॉर्मल पर्सन हूं। उन्होंने अपनी उम्र और अचीवमेंट को साधारण बताया।
इटली के सबसे ज्यादा उम्र के ग्युसेप पैटर्नो अपनी स्नातक की डिग्री लेने के बाद अपने परिवार के साथ सेलिब्रेट करते हुए।
औरग्यूसेप पैटर्नो ने इतिहास दर्शन शास्त्र में ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने इटली के पालेर्मो शहर के यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो से ग्रेजुएशन किया। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दूसरों की तरह ही मैं भी नॉर्मल पर्सन हूं। उन्होंने अपनी उम्र और अचीवमेंट को साधारण बताया।
इटली के सबसे ज्यादा उम्र के ग्युसेप पैटर्नो अपनी स्नातक की डिग्री लेने के बाद अपने परिवार के साथ सेलिब्रेट करते हुए।
इटली में यह छात्रों को ग्रेजुएट होने पर अवॉर्ड किया जाता है। जिस दिन उन्हें ग्युसेप को डिग्री मिली उस दिन उन्हें सम्मानित किया गया।
डिग्री लेने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो में मीडिया का सामना करते हुए।</p>
इटली में यह छात्रों को ग्रेजुएट होने पर अवॉर्ड किया जाता है। जिस दिन उन्हें ग्युसेप को डिग्री मिली उस दिन उन्हें सम्मानित किया गया।
डिग्री लेने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो में मीडिया का सामना करते हुए।
ग्युसेप पैटर्नो ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के ऑनलाइन एग्जाम में शामिल होते हुए। कोरोना वायरस महामारी के कारण ऑनलाइन परीक्षा करवाई गई। उन्होंने कहा कि नॉलेज एक खजाना है। यह एक सूटकेस की तरह है जो मैं हमेशा अपने साथ रखता हूं।
यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो में 96 साल के ग्यूसेप पैटर्नो एक पारंपरिक लॉरेल पगड़ी पहने हुए। इटली में यह छात्रों को ग्रेजुएट होने पर अवॉर्ड किया जाता है।
ग्युसेप पैटर्नो ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के ऑनलाइन एग्जाम में शामिल होते हुए। कोरोना वायरस महामारी के कारण ऑनलाइन परीक्षा करवाई गई। उन्होंने कहा कि नॉलेज एक खजाना है। यह एक सूटकेस की तरह है जो मैं हमेशा अपने साथ रखता हूं।
यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो में 96 साल के ग्यूसेप पैटर्नो एक पारंपरिक लॉरेल पगड़ी पहने हुए। इटली में यह छात्रों को ग्रेजुएट होने पर अवॉर्ड किया जाता है।
अवॉर्ड फंक्शन के लिए तैयार होते हुए ग्युसेप पैटर्नो। दो दिन पहले ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो से ग्रेजुएशन की डिग्री ली। ग्रेजुएशन के बाद उन्हें सर्टिफेकट दिया गया। वो काफी खुश नजर आए।
96 साल के इस बुजुर्ग का पढ़ाई और ज्ञान को लेकर जो जुनून है वो दुनिया के सैकड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा है।
अवॉर्ड फंक्शन के लिए तैयार होते हुए ग्युसेप पैटर्नो। दो दिन पहले ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो से ग्रेजुएशन की डिग्री ली। ग्रेजुएशन के बाद उन्हें सर्टिफेकट दिया गया। वो काफी खुश नजर आए।
96 साल के इस बुजुर्ग का पढ़ाई और ज्ञान को लेकर जो जुनून है वो दुनिया के सैकड़ों लोगों के लिए एक प्रेरणा है।
