नदी घाट से इस तरह रेत का हो रहा अवैध उत्खनन और परिवहन

सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम कवलगिरी से लगे रेड़ नदी घाट से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है। अवैध तरीके से उत्खनित रेत को उदयपुर, लखनपुर, अंबिकापुर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जा रहा है। प्रतिबंध का हवाला देकर रेत के अवैध कारोबार में लगे लोगों द्वारा इसका दर भी बढ़ा दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

उदयपुर व लखनपुर विकासखंड के कई गांवों से होकर रेड़ नदी गुजरी है। रेड़ नदी से लगातार रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कंवलगिरि से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ ट्रैक्टरों से रेत का परिवहन कराया जा रहा है। अंबिकापुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर रेत उत्खनन में लगे वाहन गुजर रहे हैं, लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। उदयपुर, लखनपुर थाना के अलावा अंबिकापुर के मणिपुर पुलिस चौकी क्षेत्र से होकर रेत के अवैध परिवहन में लगे वाहन अंबिकापुर शहर में प्रवेश कर रहे हैं।

आरोप है कि खनिज विभाग सिर्फ वसूली में लगा हुआ है। रेत का दर अत्यधिक हो जाने के कारण निर्माण कार्य में कई लोग ईटों की जुड़ाई के लिए रेत के बजाय क्रशर डस्ट का उपयोग कर रहे हैं। क्रशर खदानों से डस्ट लेकर शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों पर ही खनिज विभाग ने पूरा जोर लगा दिया है। रामानुजगंज रोड के खनिज नाके में सुबह से खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जांच में लगे रहते हैं, इधर बिलासपुर रोड से रेत लेकर वाहन धड़ल्ले से शहर में प्रवेश कर रहे हैं।

उदयपुर क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ एक डिप्टी कलेक्टर ने अभियान छेड़ रखा था, वे लगातार अवैध उत्खनन के लिए बदनाम क्षेत्रों में पहुंचकर जब्ती की कार्रवाई कर रहे थे। उनके कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद रेत के अवैध कारोबार में लगे लोगों की मौज हो गई है। कोई भी अधिकारी- कर्मचारी जांच के लिए नहीं पहुंच रहा है। कई ट्रैक्टरों के चालकों ने कहा कि साहब कोरोना से पीड़ित हो गए हैं, इसलिए अब कोई डर भी नहीं है।

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