कोरोना कंटेनमेंट जोन में 500 फीसद बढ़कर आए बिजली बिल, ये है कारण
जबलपुर मध्य प्रदेश में बढ़कर आए बिजली के बिलों की जांच हो रही है। कंपनी ने अफसरों की अदला बदली कर जांच करवाई ताकि हकीकत पता चल सके। अफसरों ने जांच में ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए जिनके बिल पिछले साल से 150 से 500 फीसद तक अधिक आए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं में ज्यादातर ऐसे है जो कंटेनमेंट जोन में थे। इनके घरों में रीडिंग ही कई माह नहीं हुईं। जिस वजह से एक मुश्त रीडिंग में बढ़े हुए बिजली बिल पहुंच गए। जांच रिपोर्ट बन रही है इसे मैदानी अमला अब कंपनी को देगा।
शहर में बिजली बिलों को लेकर लगातार आ रही शिकायतों के बाद कंपनी ने मैदानी अमले को बदलकर जांच करवाई। इसमें घरेलू और व्यावसायिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिलों की जांच हुई। अफसरों ने औचक बिलों की जांच की। मौके पर उपभोक्ता के घर का कनेक्शन चेक किया। इस दौरान उनके घर की स्थिति से बिल का आंकलन किया। विजय नगर की एसबीआई बस्ती के पास कई घरों में बढ़े बिल मिले। बताया गया कि कंटेनमेंट जोन घोषित होने के कारण मीटर रीडर कई माह यहां नहीं आए। ऐसे में रीडिंग हर माह बढ़ती गई। बाद में जब रीडिंग हुई तो एक मुश्त रीडिंग का भारी भरकम बिजली बिल आ गया।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले साल से उनके कई गुना बढ़े बिल पहुंचे हैं। अधीक्षण यंत्री आईके त्रिपाठी ने बताया कि जांच में 90 फीसद मामले ऐसे मिले हैं कि जिनमें पिछले साल से बढ़ी खपत आई है। इसकी मूल वजह उपभोक्ताओं के द्वारा बिजली का उपयोग करना था। उनके मुताबिक घर में रहने की वजह से भरपूर बिजली के उपकरण चले, ऐसे में बिजली की खपत बढ़ी आई है। कुछ मामलों में जरूर रीडिंग नहीं होने की वजह से एक मुश्त बिल आने से उपभोक्ता पर बोझ आया है।
बढ़े बिलों को सुधार के लिए टीम लगाई गई है। शहर के पांच नगर संभाग में अलग–अलग अफसरों का दल भेजा गया है जिसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। हाल ही में बिजली कंपनी ने निरंतर बिजली बिलों को सुधार करने के लिए बिजली शिकायत शिविर लगाए हैं ताकि उपभोक्ता उन शिविर में आकर बिल की समस्या का निदान करवा सके
