कोरोना ने रोकी रतनपुर की दुर्गा पूजा की भव्यता

बिलासपुर । नगर में नवरात्र पर्व को लेकर आषाढ़ से मूर्तिकार मूर्तियां बनाना शुरू कर देते हैं ।कारीगर के लिए यह सालभर की कमाई का एकमात्र जरिया है । लेकिन नगर में बढ़ रहे बड़ी तेजी से कोरोना संक्रमण के चलते वे काफी चिंतित है। इस बार उनके पास मूर्ति बनाने के कोई आर्डर नहीं आ रहे हैं. इसकी वजह से व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ गया है । जिसके चलते रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है ।
महामाया की धार्मिक नगरी रतनपुर में   17 अक्टूबर से शारदीय क्वांर नवरात्र की शुरुआत हो रही है. इसमें भक्त मां दुर्गा की आराधना करते है और बड़ी संख्या में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना करते है. लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस बार दुर्गा प्रतिमा बनाने वाले कारीगर की रोजी रोटी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं ।
नगर में दुर्गा पूजा की रौनक देखने को मिलती थी. नवरात्र के 9 दिन कलश के साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा रख कर लोग शक्ति की उपासना करते थे ।
महामाया मंदिर मार्ग में मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार गोकुल चित्रकार का कहना है कि जुलाई महीने से गणेश बनाना शुरू करते हैं जिसके बाद विश्वकर्मा बनाते हैं इसके पश्चात दुर्गा की मूर्तियां बनाते हैं यह मूर्तियां बनाने का काम हमारे दादा परदादा के जमाने से चल रहा है जोकि उड़ीसा से रतनपुर में आए थे । कोरोना के कारण धंधा इतना मंदा है कि पहले जहां करीब 52 मूर्तियां बनाते थे जो पुरी मूर्तियां बिक जाती थी लेकिन इस बार सिर्फ 20 से 25 मूर्तियां ही बना रहे है. जो मूर्तियां बनी है उनके भी बिकने की उम्मीद नहीं है । क्योंकि अभी तक एक भी मूर्ति का ऑर्डर उन्हें नहीं मिला है । 10 से 20 मूर्तियां बिकने की उम्मीद है जिसकी तैयारी कर रहे हैं गणेश मूर्ति और विश्वकर्मा मूर्ति जो बनाया गया था वह काफी कम बिका है जिसके चलते काफी नुकसान हुआ है । इसी तरह से मूर्तिकार बसंत चित्रकार का कहना है कि पूर्वजो के समय से मूर्तियां बनाने का कार्य किया जाता था । गणेश जी के बाद विश्वकर्मा का मूर्ति बनाया गया अब दुर्गा जी का मूर्ति बना रहे हैं हर बार 30 से 40 दुर्गा जी की मूर्तियां मैं बनाता था लेकिन इस बार 20 से 25 मूर्तियां बना रहा हूं जहां 8 से 10 मूर्तियों का ऑर्डर हो चुका है ।
वहीं इस बार बिलासपुर कलेक्टर ने दिशा निर्देश दिया है कि दुर्गा पंडालों में 6 फीट से ऊपर मूर्तियां नहीं बैठेंगे । उन्हें केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग मास्क सैनिटाइजर के उपयोग के साथ 20 लोग ही उपस्थित रहेंगे । जिसके चलते हम लोगों का कोरोना के कारण धंधा इतना मंदा है
जो मूर्तियां बनी है उनके भी बिकने की उम्मीद नहीं है । वही राम चित्रकार का कहना है कि इस बार  कोरोना वायरस का गहरा असर पड़ा है, जिसके वजह से मूर्तिकारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है.त्यौहार सीजन में भी ऑर्डर नहीं मिल रहा हैं. मूर्ति बनाने वाले कलाकारों को हर बार ग्राहक मनचाहे साइज के हिसाब से मूर्ति बनवाने के लिए एडवांस में ऑर्डर देते थे, इस बार 5 फीट तक दुर्गा जी का मूर्ति बनाया गया है लेकिन बुकिंग नहीं हो रही है जिसके चलते कारीगर खाली हाथ बैठने पर मजबूर हैं ।

Leave a Reply