इंदौर में बोरिंग का पानी निर्माण काम में नहीं होगा इस्तेमाल
इंदौर । स्वच्छता में नंबर 1 इंदौर शहर में अब पानी की बर्बादी को रोकने के लिए कोशिश की जा रही है। नगर निगम ने शहर में बोरिंग के पानी का उद्यान और निर्माण कामों में इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया है। गार्डनिंग और निर्माण कामों के लिए अब शहरवासियों को केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करना होगा। नगर निगम ने शहर में निर्माण काम के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए अभी तक 35 हाईड्रेंट स्थापित किए हैं। वहीं 42 हाईड्रेंट और स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इसी माह ये हाईड्रेंट भी शुरू हो जाएंगे। नगर निगम ने इसके साथ ही तय किया है कि अब शहर में जितने भी निर्माण काम हो रहे हैं, उन सभी में इसी का पानी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही घरों में बने उद्यानों में भी बोरिंग का पानी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। नगर निगम के अपर आयुक्त संदीप सोनी के मुताबिक मप्र पेयजल परीक्षण अधिनियम के अनुसार जल अभाव वाले क्षेत्रों में बोरिंग के पानी का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। और इसका उल्लंघन करने वाले पर जुर्माने और सजा का भी प्रावधान है। यदि कोई भी व्यक्ति निर्माण कामों में बोरिंग का पानी इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ नगर निगम इसके तहत सीधी कार्रवाई करेगा।
